भारत विकास परिषद की प्रेरणा से शहर में संपन्न हुआ 63 वाँ नेत्रदान
रामगंजमंडी
रामगंजमंडी निवासी कपड़ा व्यवसायी (खादी भंडार) वाले प्रेमचंद जैन (सबद्रा) की धर्मपत्नि व विपिन जैन (मोनू)की माताजी *श्रीमति शकुंतला जैन* का कोटा के अस्पताल में बीमारी के चलते आकस्मिक निधन हो गया।
ज्योति मित्र अभिषेक लुहाड़िया ने तुरंत ही भारत विकास परिषद के कोषाध्यक्ष संजय पतीरा को यह दुःखद सूचना दी, पतीरा ने भाई मनीष व विपिन से नेत्रदान करवाने की बात की, जिस पर विपिन ने पिता,चाचा ज्ञानचंद जी,संतोष जी व परिवार जनों से चर्चा करके तुरंत ही नैत्रदान के लिए सहमति दे दी। जिसकी सूचना पतीरा ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ.कुलवंत गौड़ को दी।



सहमति बनने तक परिवार के सदस्य कोटा हॉस्पिटल से एंबुलेंस में शकुंतलाजी की पार्थिव देह को रख चुके थे, उस समय शाइन इंडिया फाउंडेशन के टेक्नीशियन टिंकू ओझा ने पहुंच कर एंबुलेंस में ही नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया । 

संस्था व भारत विकास परिषद के सहयोग से शहर में नेत्रदान के प्रति आमजन में रुझान बढ़ता जा रहा है,शहर का यह 63 वाँ नैत्र दान है। जो परिषद व शाइन इंडिया के सहयोग से सम्पन्न हुवे हैं।अब जैसे ही शहर में कहीं भी शोक की घटना होती है, ऐसी दुख की घड़ी में भी यदि कोई मित्र,परिषद या संस्था के सदस्य नेत्रदान के लिए अनुरोध करते हैं तो परिवार स्वत: ही सहमति दे देता है। इससे प्रतीत होता हे कि शहर में नैत्रदान के लिए जागरूकता बढ़ रही हैं।
