माही नदी के समीप चट्टानो के बीच भीषण शीतलहर मे आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ने किया केशलोच
नरियावली
रविवार की बेला मे माही नदी के तट पर भीषण शीतलहर मे दिगम्बर संत की साधना देखने को मिली खुले आकाश मे नदी की कलकल धारा के बीच चट्टान पर बैठकर आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज ने केशो का लुंचन किया
वह भी स्वयं अपने हाथो से जो दिगम्बर संत की निर्मोहिता निष्प्रह्ता का एक अनुपम उदाहरण है हम जहा भीषण शीतलहर मे रजाई मे दुबके हुए रहते है वहा एक दिगम्बर संत खुले आकाश मे नदी की कलकल धारा के बीच केशलोच कर रहे सचमुच एक उत्कृष्ट तप



साधना है आकाश जिनका ओढ़न है धरती जिनका बिछोना है ऐसे होते है दिगम्बर संत जिसका साक्षात् उदाहरण माही नदी पर दिखा

इस विषय पर बोलते हुए संघस्थ मुनिश्री 108 सुश्रुत सागर
महाराज ने कहा यह आप सभी का सोभाग्य है की नदी के बीच केशलोच का द्रश्य आप लोगो ने कभी नहीं देखा होगा इतिहास मे पहले ऐसे संत होगे जो माही नदी के बीच बैठकर केशलोच किया हो अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
