गृहस्थ जीवन में पाप से बच कर पुण्य अर्जित करें: आचार्य विनिश्चय सागर
करनाल
श्री दिगम्बर जैन सोसाईटी के तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय पंचकल्याणक महामहोत्सव के तीसरे दिन भगवान के जन्म कल्याणक को अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर करनाल मानो ‘कॉशी नगरी’ में परिवर्तित हो गया।
भगवान बालक पार्श्वनाथ के जन्म की खुशी से शहर में श्रद्धालुओं के बीच वातावरण मंगल गीतों और नृत्य कर से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के का अंतर्गत तीर्थंकर बालक की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इन्द्र-इन्द्राणियां उन्हें पाण्डुकशिला पर ले गए, जहां ने भगवान पार्श्वनाथ का जन्माभिषेक ने किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने न स्वर्ण, रजत और सामान्य कलशों से न अभिषेक कर धर्मलाभ प्राप्त किया। –


इसके उपरांत बालक पार्श्व कुमार को बा पालना झुलाया गया और बाल लीलाओं का मंचन हुआ।


इस अवसर पर आचार्य आचार्य विनिश्चय सागर ने अपनी मंगल देशना में कहा कि हम सभी सामान्य जनों की भांति ही भगवान का भी जन्म होना है। लेकिन हमारा जन्म दिवस मनाया जाता है, जबकि भगवान का यह जन्म अंतिम होता है। इसलिए भगवान के जन्म दिवस को जन्म कल्याणक कहते हैं।

और वे जन्म, जरा, मृत्यु का विनाश कर केवलज्ञान प्राप्त कर मोक्ष को प्राप्त होते हैं तथा सिद्धशिला पर विराजमान हो जाते हैं। गृहस्थ जीवों को पाप से बच कर पुण्य अर्जित करना चाहिए और अर्जित पुण्य के फल को भी पुण्य कार्यों में लगाना चाहिए। यदि अज्ञानवश पाप कर्म करके कोई धन सम्पत्ति अर्जित हो जाए तो उसे भी पाप कार्यों में न लगाकर पुण्य, में लगाना चाहिए।परोपकार, समाज, धर्म व राष्ट्र हित में ही सदुपयोग में ही लगाना चाहिए अन्यथा यह पापकर्म हमारी दुर्गति का कारण बनता है व जीव नरक गति को प्राप्त होता सायंकाल सौधर्म इन्द्र की सभा आनंद उत्सव मनाया गया महाआरती के साथ जन्म कल्याण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। महोत्सव की बेला में रामगंजमंडी भक्त परिवार कमल लुहाड़िया एवं विनोद जी विनायका परिवार ने पहुंचकर आचार्य श्री संघ का आशीर्वाद लिया
तप कल्याणक आज, श्रद्धा का उमड़ेगा सागर
पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 18 फरवरी को तप कल्याणक का आयोजन भव्य रूप से किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान पार्श्वनाथ के तप, त्याग और आत्मशुद्धि के साथ स्मरण देखेंगे। कार्यक्रम में विशेष पूजन, अभिषेक, धार्मिक प्रवचन एवं तप कल्याणक की क्रिया संपन्न होगी।। आयोजकों के अनुसार तप कल्याणक आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण का पर्व है, जिसमें अधिक से अधिक धर्मप्रेमियों से भाग लेने की अपील की गई है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
