डी. एन. जैन बोर्डिंग जबलपुर का हृदय स्थल तथा पूरी समाज की श्रद्धा का बहुत बड़ा केन्द्र है प्रमाण सागर महाराज
जबलपुर
डी. एन .जैन बोर्डिंग का विशाल परिसर में नवीन मंदिर के शिलान्यास उपरांत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ससंघ का मंगल विहार बुढा़र मध्यप्रदेश की ओर हुआ,रात्री विश्राम एवं सांयकालीन शंकासमाधान रांझी में हुआ।
डी. एन. जैन बोर्डिंग जबलपुर का हृदय स्थल तथा पूरी समाज की श्रद्धा का बहूत बड़ा केन्द्र है, वर्तमान में यंहा पर जिनालय तो है, लेकिन जिस भव्य स्वरुप के साथ यह जिनालय होंना चाहिये उस अनुरुप नहीं है,सभी लोगों की भावना थी कि यंहा पर अति भव्य जिनालय बने लेकिन वह नहीं बन पा रहा था गुरुदेव के सामने तथा पिछले प्रवास में इसकी चर्चा भी आई लेकिन यह बात टलती गई,यह तो श्रीसिद्धचक्र महामंडल विधान का पुण्य फलीभूत हुआ और समापन की बेला में इस मंदिर निर्माण की बात सामने आई और संस्कार धानी से जाते जाते इस भव्य जिनालय का विधिवत शिलान्यास हो गया” उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने प्रातःप्रवचन सभा में व्यक्त किये।


उन्होंने इस मंदिर के स्वरूप की चर्चा करते हुये कहा कि जब यह भव्य जिनालय बनकर तैयार होगा तो ऐसा लगेगा कि “मानो आसमान में चांद निकल आया हो” उन्होंने कहा कि मेंने आर्कीटेक्ट के साथ पूरे परिसर को देखा एवं वास्तु की दृष्टि से यह जिनालय दक्षिण दिशा में भारी होगा जिससे इस मंदिर की ऊर्जा पूरे शहर को प्राप्त होगी उन्होंने संपूर्ण सिंघई परिवार को आशीर्वाद देते हुये कहा कि यह आपके पूर्वजों द्वारा दिये गये संस्कारों का ही प्रभाव है कि आज आप लोगों ने मंदिर निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया मुनि श्री ने सिंघई परिवार को मूल बेदी का आशीर्वाद देते हुये कहा कि सात फुट उतंग मूलनायक भगवान आदिनाथ स्वामी की प्रतिमा विराजमान होगी साथ ही साथ वर्तमान के मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा भी विराजमान की जाएगी


बगल में एक प्रतिमा तथा मंदिर का शिखर बनाने की जिम्मेदारी छोटेलाल जी ने ली है इस प्रकार से नीचे की मंजिल में कुल तीन बेदीयां होंगी तथा दूसरी मंजिल पर एक बेदी एवं चारों और चौवीस तीर्थंकरों की चौवीस बेदीयां तथा सफेद संगमरमर से निर्मित इस मंदिर में 25 शिखर से सु सज्जित यह मंदिर अपनी भव्यता को प्रकट करेगा जो कि संस्कारधानी जबलपुर की भव्यता को और अधिक भव्य बनायेगा इसके साथ ही श्री आदिनाथ सेवासमिति द्वारा भव्य संतनिवास बनाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली जिसकी स्वीकृति टृस्ट कमेटी ने प्रदान की मुनि श्री ने मंदिर निर्माण में सभी पुण्यार्जकों को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुये कहा कि मंदिर निर्माण तीन वर्षों में पूर्ण कर लोगे तो आपको विशेष अवार्ड मिलेगा कार्यक्रम में मुनि श्री संघान सागर सहित आर्यिका तपोमति माताजी का संघ एवं समस्त क्षुल्लक उपस्थित थे बा. ब्र. अशोक भैया तथा अभय भैया ने सभी मांगलिक क्रियायें संपन्न कराई संचालन अमित जैन पड़रिया ने किया
मुनिसंध के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी एवं सुवोध जैन कामरेड ने बताया मंदिर नव निर्माण हेतु शिलान्यास की समस्त औपचारिकता पूर्ण करने के उपरांत मुनिसंघ का मंगल विहार 9 कि. मी आगे रांझी की ओर हुआ तो उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने अश्रुपूरित नेत्रों से मुनिसंघ को विदाई दी। सांयकालीन शंकासमाधान रांझी में ही संपन्न हुआ। मुनि संघ के लगभग एक माह का प्रवास एक अमिट छाप छोड़ गया प्रत्येक दिन किसी त्योहार से कम नहीं था।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी9929747312 9929747312
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