मुनि श्री सुधा सागर महाराज के शिविर में रहे शिविरार्थी प्रमोद भाई मावाबाटी बनने जा रहे है दीक्षार्थी, गुना में विनोली यात्रा 7 फरवरी को

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मुनि श्री सुधा सागर महाराज के शिविर में रहे शिविरार्थी प्रमोद भाई मावाबाटी बनने जा रहे है दीक्षार्थी, गुना में विनोली यात्रा 7 फरवरी को

गुना  यह क्षण सभी शिविरार्थियों को गौरवान्वित करने वाला है। एक शिविरार्थी भाई सांसारिक जीवन को त्यागकर दीक्षार्थी बनने जा रहा है।जी हा गुना निवासी प्रमोद भाई मावाबाटी, जिन्होंने निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधा सागर जी महाराज से वैराग्य के ऐसे संस्कार लिए हैं कि अब परिवार को व्यवस्थित करके वे वैराग्य के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।

 

 

7 फरवरी शाम 6 बजे बताशा गली गुना* से विनोली यात्रा निकाली जा रही है जो प्रमुख मार्गों से होती हुई वापस संतशाला में आएगी, यहां गोदभराई का कार्यक्रम है। वे आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज से क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण करने जा रहे हैं।

          दीक्षार्थी कृतित्व पर एक नजर 

निर्यापक श्रमणगुरुदेव मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्रावक संस्कार शिविरों में पिछले 25 शिविरों में उन्होंने 10–10 उपवास की कठोर साधना की है। 

 

गुना नगर से अनेकों संयम के पथ पर बढ़ चुके हैं 

      गुना के श्री अनिल बड़कुल बताते हैं कि अब तक गुना से 3 मुनिराज, 8 आर्यिका माताजी, 2 छुल्लक महाराज एवम लगभग 75 ब्रह्मचारिणी दीदी संयम मार्ग पर निकल चुके हैं।

    श्री बड़कुल ने हर्षित होकर बताया कि_गुना नगर की पावन धरा एक बार पुनः धन्य होगी जब नगर के सप्तम प्रतिमाधारी श्रावक, श्री प्रमोद ‘मावाबाटी’ गृहस्थ परिवार छोड़ मोक्षमार्ग पर बढ़ते हुए आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज से दीक्षा ग्रहण करेंगे। दीक्षा की तिथि एवम स्थान की घोषणा की प्रतीक्षा है। दीक्षा पूर्व विनोली एवम गोद भराई की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई हैं।_

 

 

 

उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य आचार्यश्री 108विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित मुनि श्री 108निष्कम्प सागर जी, आचार्यश्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज (दक्षिण) से दीक्षित मुनिश्री108 गुण सागर जी एवम आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज द्वारा दीक्षित मुनिश्री 108सुदत्त सागर जी महाव्रती के रूप में मोक्षमार्ग पर चल रहे हैं। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज से ही 8 आर्यिका माताजी के अलावा छुल्लकश्री105 विचार सागर जी महाराज,छुल्लकश्री 105मंथन सागर जी भी आत्मकल्याण पथ पर आरूढ़ हो चुके हैं। 

 

इतना ही नहीं लगभग 70 ब्रह्मचारिणी दीदी प्रतिभास्थली में अपनी निस्वार्थ सेवा प्रदान कर रही हैं। कई ब्रह्मचारी भैया-बहन गुना में अपने घर रहकर ही साधना कर रहे हैं।_  ज्ञातव्य है कि विगत एक माह से गुना में आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ विराजमान रहकर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। इस दौरान समाज मे भारी उत्साह है।_

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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