बोलती जिनवाणी • बागीदौरा के राजेश शाह, दिल्ली के राकेश, अंकुर ने बनाया बोलता जैन भक्ति संग्रह किताब पर पेन छूते ही गूंजते हैं जिनवाणी मंत्र और भजन

धर्म

बोलती जिनवाणी • बागीदौरा के राजेश शाह, दिल्ली के राकेश, अंकुर ने बनाया बोलता जैन भक्ति संग्रह किताब पर पेन छूते ही गूंजते हैं जिनवाणी मंत्र और भजन

बागीदौरा

अभी तक आप मोबाइल, लैपटॉप की स्क्रीन पर चलने वाले स्टाइलस पेन से परिचित हैं। जिससे स्वाइप करने, ड्रॉइंग बनाने, लिखने या डिवाइस की स्क्रीन को टच करते हैं,लेकिन एआई के दौर में जैन किताब सुमधुर आवाज में बोलने लगे तो क्या कहना।

 

 

 जी हां! तीन युवाओं की टीम ने मिलकर ऐसी ही जैन धर्म की जिनवाणी संग्रह पुस्तक बनाकर नवाचार किया है, जिसके पन्नों पर टॉकिंग (बोलता) पेन के स्पर्श मात्र से शुद्ध उच्चारण तो करती है।दरअसल, ए-टू-ए विजन प्राइवेटलिमिटेड दिल्ली के अंकुर जैन,राकेश जैन और बागीदौरा के राजेश शाह ने ‘जिन भक्ति संग्रह टॉकिंग जिनवाणी बनाई है। खासियत यह है कि जिस टॉकिंग पेन के साथ बिना मोबाइल और इंटरनेट के जरिए जैनधर्म की जिन भक्ति संग्रह, नित्य नियम पूजा एवं वैकल्पिक पूजा,अभिषेक एवं शांतिधारा, भक्तामरस्तोत्र (भावार्थ सहित)महत्वपूर्ण स्तोत्र एवं स्तुतियां,आरती एवं चालीसा, अरहंत पासा केवती पूजा, शांतिधारा, स्तोत्र सहित अनेक भक्ति पाठ गायन शैली के अभिनव अंदाज में प्रस्तुत किए गए हैं। इसे घर, मंदिर हो या यात्रा कही पर भी ले जा सकते हैं।

 

 

 

जैनभक्ति संग्रह भाग 1 और 2 जिसमें कुल 488 पेज हैं और शुरुआत में 1000 पुस्तकें प्रकाशित की गई हैं।इसका शुभारंभ मुनि गुप्तिसागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ।

 

किताब को देखो, छुओ, सुनो और पढ़…..देखो (पाठ को), छुओ (पेन से), सुनो (शुद्ध उच्चारण),पढ़ो (सही विधि से) तकनीक से पुस्तक के पत्रों पर बनेविशेष टच प्वाइंट को जैसे ही जिन ध्वनि पेन से स्पर्शकिया जाता है, वैसे ही संबंधित मंत्र या भक्ति पाठ स्पष्ट,शुद्ध और भावपूर्ण आवाज में सुनाई देता है। इसका उद्देश्य हर आयु वर्ग को जैन भक्ति साहित्य से जोड़ना, शुद्धउच्चारण के साथ पाठ सीखने में सहायता, बच्चों में धर्म केप्रति रुचि जागृत करना, विदेशों में रहने वालों के लिए ट्रांसक्रिप्शन के माध्यम से पाठ को सरल बनाना हैं।

 

 

 

इस जिनवाणी में बागीदौरा के राजेश की आवाज ने भक्ति को दी आत्माबोलती जिनवाणी में पेन के छूने से लिखित शब्दों के उच्चारण के साथ मधुर भजनमंत्र, पूजन चालीसा संगीतमय सुनाई देती है। इसमें बागीदौरा के राजेश शाह ने गाया है। शाह अन्य राज्यों में भी धार्मिक अनुष्ठानअपनी आवाज दे रहे हैं।

 

 

गायक राजेश शाहने बताया कि अंकुर जैन के मन में आस जगी जब एक टॉकिंग ( बोलती) बुक देखी तो ख्याल आया कि जब अन्य विषयों पर बोलने वाली किताबें संभव हैं, तो जैन धर्म लिए क्यों नहीं? इसी को लेकर राकेश जैन के साथ लगभग दो वर्षों की निरंतर रिसर्च और मेहनत के बाद जिनभक्ति संग्रह-टॉकिंग जिनवाणी’ जिसे जिन ध्वनि इंटर एक्टिव ऑडियो रीडर के साथ तैयार किया गया है।

        संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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