वही करो जो वास्तव में चाहते हो, फिर परिणाम भी वही मिलेगा : पुलक सागर
ओबरी
कस्बे के राउमावि खेल मैदान महोत्सव के डोम पांडाल में आयोजित पांच दिवसीय ज्ञान गंगा महोत्सव के तहत तीसरे दिन धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत आचार्य पुलकसागर महाराज ने जीवन, मन और संबंधों पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदमी पेट के लिए नहीं,बल्कि मन की भूख के लिए भाग रहा है। इंसान वही करता है जो वह चाहता है, लेकिन होता वही है जो वह चाहता है।
आज से वहीं करो जो वास्तव में चाहते हो, फिर परिणाम भी वही मिलेगा। आचार्य श्री ने कहा कि रात ऐसी हो कि सुबह किसी को। मुंह दिखाने में शर्म न हो और दिन ऐसा जीयो कि रात चैन की नींद आ। सके। जिसका दिन अच्छा गुजरता है, उसकी रात भी सुकून भरी होती है।उन्होंने चेताया कि मन में एक बार। गलत विचार आ जाए तो संबंधों कीहत्या होते देर नहीं लगती। उन्होंने कहा कि संत न तो कुछ देते हैं और। न ही कुछ लेते हैं, लेकिन संत का साथ मिल जाए तो सात पीढियां सहजता से निकल जाती हैं।





जीवन की नश्वरता का स्मरण कराते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जब यह जीवन छूटेगा तब एक मुट्ठी आटा भी साथ नहीं जाएगा, फिर चार दिन की जिंदगी के लिए इतनी चिंता क्योंआचार्य श्री ने लोगों को संदेश दिया कि ज्यादा जोड़-जोड़ कर मत मरो,कुछ अच्छा काम करो, जो मिला है उसमें खुश रहना सीखो। पड़ोसी कोदेखकर ईर्ष्या मत करो, जो मिला हैउसका सदुपयोग करो और जो नहीं मिला उसके पीछे पागल मत बनो।
उन्होंने कहा कि चिंता छोड़ो, चिंतन। करो। बाप के पैसे पर शौक पूरे करना आसान है, लेकिन जब खुद कमाओगे तब असली मूल्य समझ में आएगा। धर्मसभा में बड़ी संख्या मेंश्रद्धालु उपस्थित रहे और आचार्य। श्री के प्रवचन को आत्मसात कर जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक शंकरलालडेचा, भोपाल सिंह पंवार, नटवरलाल पटेल, मनोज पंचोरी, महेंद्र सिंह पंवार सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

