सब कहते हैं, खुश रहा करो..* *लेकिन* *मजाल है कि वो हमे खुश रहने दे..!*अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज

धर्म

*सब कहते हैं, खुश रहा करो..*लेकिन*मजाल है कि वो हमे खुश रहने दे..!अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज

कुलचाराम हैदराबाद

सब कहते हैं, खुश रहा करो..*लेकिन*जाल है कि वो हमे खुश रहने दे..!*सुख, शान्ति और प्रसन्नता, ना कोई दे सकता है और ना बाजार से खरीद सकते हैं।* अगर पैसे से सुख, शान्ति और प्रसन्नता मिलती, तो दुनिया के सारे अमीर, धनपति लोग खरीद लेते। सुख, शान्ति और प्रसन्नता भले ही ये खूबसूरत ना हो, लेकिन जीने के तौर तरीके एवं जीने का अन्दाज खूबसूरत होना चाहिए।

 

 

*ध्यान रहे! संसार जुड़ता है त्याग से, बिखरता है स्वार्थ से।*
त्याग के मार्ग पर चलोगे तो अनुराग ही मिलेगा। इसलिए *हँसी आये तो हँस लो, आतें खुल जायेगी। और रोना आये तो रो लो, आँख धूल जायेगी।*

*तनाव और टेन्शन से मुक्ति के लिये दो ही उपाय है -? एक हँसना और दूसरा रोना।* हँसने और रोने से दिल हल्का हो जाता है…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *