श्री वीरेंद्र हेगड़े को महाश्रुत चक्रवर्ती से किया गया अलंकृत संगीत मन को शांति देता है : हेगडे 

धर्म

श्री वीरेंद्र हेगड़े को महाश्रुत चक्रवर्ती से किया गया अलंकृत संगीत मन को शांति देता है : हेगडे 

छत्रपति संभाजीनगर /औरंगाबाद 

दिन-भर की भागदौड़ और मानसिक थकान से जब मन बोझिल हो जाता है, तब संध्या के समय संगीत मन को शांति और नई ऊर्जा देता है। यह विचार पद्मभूषण एवं राज्यसभा सांसद डॉ. वीरेंद्र हेगड़े ने व्यक्त किए।

 

 

 

 

दिगंबर जैन समाज की ओर से आयोजित सात दिवसीय योग साधना एवं संगीत अमृत महोत्सव के अवसर पर बोल रहे थे। राजाबाजार स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सहित सभी मंदिरों की ओर से जबिंदा ग्राउंड में आयोजित महोत्सव में डॉ. हेगड़े को ‘महाश्रुत चक्रवर्ती’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गणधराचार्य जगद्गुरु कुंथुसागर महाराज, राष्ट्रसंत गुणधरनंदी महाराज, क्रांतिकारी आचार्य गुप्तीनंदी गुरुदेव, आचार्य सूर्यसागर गुरुदेव, राष्ट्रसंत प्रणामसागर गुरुदेव, उपाध्याय विरंजनसागर महाराज एवं सौभाग्यमती माता संघ की गरिमामयी उपस्थिति रही।

 

 

 

 

इनकी रही उपस्थिति: मंच पर विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर, प्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल, कविता पौडवाल, अरविंद जोशी, किशोर शाह, शरद जैन, सांसद संदीपान भूमरे सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। संचालन पंचायत अध्यक्ष महावीर पाटणी और सचिव प्रकाश अजमेरा ने किया।

 

इस अवसर पर किशोर शाह को नवग्रह पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आचार्य कुंथूसागर महाराज का पद प्रक्षालन ज्योति लोहाड़े ने किया।

 

 

 

 

योग से शुद्धिकरण, संगीत से ऊर्जा : हेगडे 

    इस अवसर पर श्री हेगडे ने कहा कि जैसे सूर्य की किरणे जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं, वैसे ही योग साधना के माध्यम से आंतरिक शुद्धिकरण होता है। संध्या के समय संगीत मन को विश्राम देता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने संगीत क्षेत्र के पार्श्वगायकों द्वारा दी जा रही सेवा की भी सराहना की।

 

 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव बी.एल. संतोष ने कहा कि जैन समाज संख्या में भले ही छोटा हो, लेकिन देश को दिशा और प्रकाश देने का कार्य करता है। भारतीय परंपरा और संस्कृति पर संकट आने पर समाज साधु-संतों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है। संतों के अतिमक, धार्मिक और नैतिक बल के लिए समाज का सामाजिक बल आवश्यक है, यह भी उन्होंने रेखांकित किया।

 

 

 

 

गुणधरनदी महाराज ने छत्रपति संभाजीनगर के जैन समाज की कर्मठता और गुरु-सेवा भावना की सराहना करते हुए अपने आशीर्वचनों में कहा कि संतों के आगमन से नगर धन्य होता है।

 

समाजबंधुओं की उपस्थिति: 

 

कार्यक्रम में महावीर टोले,यतीन ठोले, अरुण पाटणी, जितेंद्र पाटणी, किरण पहाडे, संतोष सेठी, चंदा कासलीवाल, नीता ठोने, मनोज काला, संजय पहाडे, संदीप कासलीवाल, शैलेश रावका, अमोल गोधा, विपिन पांडे, सचिन लोहाडे, अभिजीत कासलीवाल, अमित कासलीवाल, प्रमोद पांडे, सुमित पाटणी, अनिल कासलीवाल, फूलचंद जैन, विलास पहाडे सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। ‌‌

 

 

  नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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