हरियाणा के सीमा से राजस्थान की सीमा में आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज का हुआ मंगल प्रवेश संघ का मंगल प्रवेश हुआ
औरंगाबाद/हरियाणा।
हरियाणा की सीमा से राजस्थान की में आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ का आगमन हुआ उसके बाद वहां उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि। जैसे – अर्जुन ने दस लाख की सेना का त्याग करके भगवान श्री कृष्ण को चुना। आत्म विश्वास और परमात्मा पर अन्ध विश्वास का इससे अच्छा उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता।
जब खुद के आत्म विश्वास पर और परमात्मा के अन्ध विश्वास पर मन अडिग होता है, तो मानना जैसे – रात को धूप निकल गई हो। जब जब हमारे आपके विचार शून्य होंगे, तब तब हम आप परमात्मा के निकट होंगे। इसलिए अपने विचारों को विवेक के छन्ने से छानिये, फिर देखो जीवन में कैसे परिवर्तन आता है। जब विचार विवेक के छन्ने से छनकर निकलेंगे तो शुद्ध, विशुद्ध और सर्व धर्म समभाव के सुखाय से ओतप्रोत ही होंगे। फिर व्यक्ति हिंसा नहीं कर सकता, झूठ नहीं बोल सकता, चोरी नहीं कर सकता, किसी भी माता बहिन पर बुरी नजर नहीं डाल सकता, और आवश्यकता अनुसार ही वस्तुओं का संग्रह करेगा।

आत्म विश्वास, आत्म सुख से जुड़ा हुआ है। मनुष्य जीवन का सकारात्मक चिन्तन विवेक बुद्धि का ही सु-फल है। इस सकारात्मक चिन्तन से सामाजिक सन्तुलन बना रहता है। इसलिए जीवन में कुछ नियम, संयम, संकल्प बहुत जरूरी है। हम स्वयं अपने जीवन की लक्ष्मण रेखा को खीचें, लक्ष्मण रेखा की मर्यादा का पालन करें। अन्यथा दुराचार रूपी रावण हमारी सुख शान्ति का हरण करके कभी भी ले जा सकता है।फिर मत कहना – अब पछताये होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत…!!!
परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महाराज जी ससंघ का भव्य मंगल 👣 पद विहार दिनाँक 12 जनवरी 2026, सोमवार सुबह 7 बजे नीमराना सेन्ट्रल, नीमराना राजस्थान से राजीव गाँधी सेवा केन्द्र, ग्राय पंचायत काँकर दोपा पंचायत समिति बहरोड़ जिला-कोटपूतली- बहरोड़ राजस्थान 11 किलोमीटर के लिए होगा । नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



