अभिभावक बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार सिखाएं, पढ़ाई से आदमी पैसा कमा सकता है, लेकिन प्रतिभा नहीं आचार्य श्री पुलक सागर महाराज
डूंगरपुर
आचार्य श्री 108 पुलक सागर महाराज डूंगरपुर के महावीर नगर के संत भवन में विराजमान है वह कुछ दिन डूंगरपुर प्रवास को उपरांत मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ओर मंगल विहार करेंगे।
आचार्य श्री ने शनिवार को धर्म, समाज, परिवार,राजनीति और आध्यात्म को लेकर अपनी राय रखी उन्होंने दैनिक भास्कर द्वारा लिए गए साक्षात्कार में उनसे पूछा धन कमाना आसान है या सुख कमाना आसान है उन्होंने कहा धन सुख का साधन है लेकिन सुख नहीं सुख तो प्रत्येक प्राणी को सद्कर्मों से मिलता है। पुण्य कर्म से सुख मिलता है। जरूरी नहीं है जो धनपति हो वो सुखी भी हो। निर्धन भी सुखी हो सकता है तो सुख कमाने के लिए पुण्य कमाना जरूरी है।
Q. वर्तमान समय में भारत की वैश्विक स्थिति कैसी है?
A. वैश्विक स्थिति व्यापारिक दृष्टि से देखें तो बहुत बड़ी है। जिस तरह से भारत ने दुनिया के सभी देशों से मैत्री भाव बढ़ाया है वह अलग स्तर पर है। 50 साल पुराना भारत आज सशक्त भारत बन गया है। इसकी वजह है कि बहुत सालों बाद भारत को अच्छा नेतृत्व मिला है। नेतृत्व सहित होता है तो विकास होता है।आने पांच साल बाद अगर नेतृत्व बदलता भी है तो इसे और भी अच्छा करने वाले आ सकते हैं। राम के बाद कृष्ण आते हैं, कृष्ण के बाद महावीर आते हैं। हमारा देश और हमारी संस्कृति किसी एक पर डिपेंड नहीं है, लेकिन इनको श्रेय मिलना चाहिए कि इन्होंने स्थिति इतनी सुधार दी है कि आने वाले नेतृत्वको इतनी परेशानी और संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।
Q. आजादी के 75 साल बाद भी गोहत्या पर प्रतिबंध नहीं लग पाया, ऐसा क्यों?
A. यह देश का दुर्भाग्य है कि यहां गोहत्या पर प्रतिबंध नहीं लग पाया है इतना बड़ा हिंदू राष्ट्र और हिंदू बहुसंख्यकों के बावजूद देश में गोहत्या जैसे कृत्य होना शर्म की बात है। सरकार के पास यही समय है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। गोवंश की हत्या, विदेशों में निर्यात पर पूरजोर प्रतिबंध लगना चाहिए। गाय हमारे बच्चों को पंचामृत देती है, दूध देती है भोजन देती है। गाय ही क्यों किसी भी पशु-पक्षी के साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए।
QQ. हमारे जनजाति बहुल क्षेत्र में युवा पत्थरबाजी और अपराधों में लिप्त हो रहे हैं। सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं। इन पर अंकुश कैसे लगे
A. जब तक युवा पढ़ेगा-लिखेगा नहीं, तब तक इसी तरह के कार्य
करता रहेगा। आज के समय में हमारी शिक्षा आरक्षण से आरक्षित हो गई है, जिसके कारण उसकी विकृति देखनेको मिल रही है। यहां के युवाओं को शिक्षित और संस्कारित बनाना होगा। जब तक युवाओं में राष्ट्रभक्ति नहीं भरी जाएगी, वह निजी स्वार्थ से ऊपर नहीं उठेगा। युवाओं को खुद गलत मार्ग छोड़कर राष्ट्रसेवा के लिए आगे आना चाहिए।
Q. क्षेत्र में जातिगत राजनीति बढ़ रही है, इसके क्या नुकसान हैं?
A. जातिगत राजनीति करने वाले की नेता वोट बैंक के लिए अपने स्वार्थ की रोटियां सेंकते रहेंगे। लोगों को। समझना होगा कि ये ना हमारे हैं ना की तुम्हारे हैं। जात-पात और धर्म के भेद भुलाकर यह समय है एक होने का आज हिंदू बिखरा हुआ है। हिंदू जातियों में बंट रहा है, जिससे उसकी शक्ति नष्ट हो रही है। अगर। पूरे देश के हिंदू एक हो जाए तो पूरी दुनिया की दिशा बदलने की ताकत रखते हैं।सर्वांगीण विकास होता है। बच्चे पर प्रेशर मत डालो। यदि बच्चे की प्रतिभा विकसित हो गई तो वह दुनिया में कहीं भी पैसा कमा लेगा।अभिभावक बच्चों को थोड़ा वक्त देना सीखे। जिन माता-पिता के पास बच्चों के लिए वक्त नहीं है, उनके बच्चे संस्कार विहीन होते हैं।माता-पिता से बड़े संस्कार कोई नहीं दे सकता।
Q. अगले माह से विद्यार्थियों की परीक्षाएं हैं। उन्हें अच्छे नंबर लाने के लिए शिक्षक और माता-पिता उन्हें कैसे प्रेरित कर सकते हैं?
A. परीक्षा जीवन में महत्वपूर्ण है। शिक्षक और अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा प्रतिभा पर जोर दें। आज के समय में शिक्षा के साथ हमें बच्चों के कौशल विकास पर भी ध्यान देना होगा। यह। जानना जरूरी है कि हर बच्चे के हीं पास गॉड गिफ्ट क्या है। परमात्मा ने। हर किसी को किसी विशेष उद्देश्य से जन्म दिया है। पढ़ाई से आदमी पैस कमा सकता है, लेकिन प्रतिभा विकसित होने पर व्यक्ति का विकास हो सकता है। उन्होंने कहा हर परिवार में लोगों को रोजाना दो घंटे मोबाइल दूर रखकर आपस में वक्त गुजारना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312







