बातों से ज्यादा चुभता है आपके बात करने का बर्ताव.. अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज औरंगाबाद/रेवाड़ी हरियाणा।

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बातों से ज्यादा चुभता है आपके बात करने का बर्ताव.. अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज औरंगाबाद/रेवाड़ी हरियाणा।

   चादुवास

 जयपुर विहार दरम्यान हरियाणा के चादुवास रेवाड़ी में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने आगे कहा कि जैसे – गमले में लगे पौधे की क्या खूब मजबूरी है हरा भी रहना है और बढ़ना भी नहीं है..! 

 

 

 

अपने भीतर की खूबियों को, जुनून और जोश को, दूसरों की बातों को सुनकर मन को कमजोर ना होने दें। अन्यथा आज का इन्सान ना जीने देगा – ना मरने। आप ने बचपन से आज तक यही सुना है कि हर एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। लेकिन कुछ लोगों के कई पहलू होते हैं। जितना हम अपने भीतर के जोश, जूनून और योग्यता से अनभिज्ञ रहेंगे, उतना ही दूसरों की कही गई बातों से प्रभावित होते रहेंगे।

 

 

 

 

हम प्रयास करें कि व्यर्थ की अनर्गल बातों से अनभिज्ञ रहें और कुछ कहा गया हो तो उसे अनसुना कर, देखकर अंजान बन जायें। क्योकि परमात्मा ने आप हम सबको बचपन से गजब की खूबियां दी है। कुछ लोगों को माता पिता से, कुछ लोगों को गुरू से और कुछ लोगों को, पढ़ने-पढ़ाने वाले, लिखने-लिखाने वाले, उनके साथ जीवन जीने वालों से,, जो हमारी चेतना को निखार देते हैं और उसके बाद मनुष्य खुद अपनी खूबियों को निखारता है।

 

 

इसलिए हम दूसरों की प्रतिक्रियाओं से जल्दी प्रभावित ना हो, ना अपनी क्षमताओं को कमज़ोर होने दें। धैर्य पूर्वक सुनें, देखें और नजरअंदाज कर दें। यदि प्रतिक्रियाओं में रचनात्मक अनुसंधान और सुधार की आवश्यकता है, तो जरूर सुधार की गुंजाइश रखें। क्योंकि नकारात्मक प्रतिक्रिया ईर्ष्या, द्वेष और भीतर के अज्ञान से जुड़ी होती है, जो व्यक्ति के स्वाभिमान को ठेंस पहुंचाने, नीचा दिखाने या आत्म विश्वास को डिगाने के उद्देश्य से की जाती है। हम प्रतिक्रियाओं के पीछे छिपे उद्देश्य को देखें, समझें, जानें। प्रतिक्रिया मनुष्य के जीवन और व्यवहार का एक अभिन्न अंग है। इससे मनुष्य को अपने जीवन में सही गलत को परखने की सीख मिलती है।

 

 

 

 

इतिहास साक्षी है कि महान से महान व्यक्तियों के कार्यों की प्रतिक्रिया हुई है। प्रतिक्रियाओं से प्रतिभा सुधरती है और चेतना निखरती है। बुद्धिमान व्यक्ति वही है जो नकारात्मक प्रतिक्रियाओं को अनसुना कर, रचनात्मक प्रतिक्रियाओं से अपनी प्रगति का पथ प्रशस्त करता है…!!! आज परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना  

 

 

आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज जी ससंघ का भव्य मंगल 👣 पद विहार दिनाँक 11 जनवरी 2026, रविवार सुबह 7 बजे ओल्ड राव पैलेस, कसौला चोक, जयपुर-दिल्ली हाईवे, हरियाणा से राजकीय प्राथमिक पाठशाला, चान्दुवास खण्ड-बावलजिला रेवाडी, हरियाणा 16 किलोमीटर के लिए होगा।                      

 

 

 

नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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