पर्यावरण की रक्षा का, प्रज्ञासागर ने ठान लिया लक्ष्य गुरुवर का है जो हम सब साकार करेंगे पर्यावरण गीत पर्यावरण गान

काव्य रचना

पर्यावरण की रक्षा का, प्रज्ञासागर ने ठान लिया लक्ष्य गुरुवर का है जो हम सब साकार करेंगे पर्यावरण गान

लक्ष्य गुरुवर का है जो, हम सब साकार करेंगे

प्रकृति की रक्षा से, जग का उपकार करेंगे 

सारा भारत, रहेगा स्वस्थ, वृक्ष की छाँव में होगा 

जरूर होगा, जरूर होगा

साथ जब सबका होगा, जरूर होगा ,जरूर होगा

स्वर्ग सा सुंदर ये होगा, जरूर होगा 

 

 

 

1. भारतवर्ष में हो हरियाली, गुरु का ये सपना है

 एक कोटी हो वृक्षारोपण, लक्ष्य यही रख्खा है  

जागृत हो, जनता सारी, तभी ये स्वप्न पूर्व होगा, जरूर होगा,जरूर होगा 

 

 

2. एकमात्र आचार्य प्रज्ञासागर ने बीड़ा उठाया 

रहे प्रदुषण रहित ये भारत, सबको यही सिखाया 

गुरु कृपा से,ये सारा जग, वृक्षो से परिपूर्ण होगा

 जरूर होगा,जरूर होगा

 

 

3. नहीं किसी धर्म और जाति से, ये संकल्प जुड़ा है

सहयोग जन-जन का, इस आशा से जुड़ा है।

सहायक हो, भारत सरकार, तभी ये मंजिल छुएगा जरूर होगा।

 

4. हर हाथ बढ़े, हर मन जागे,धरती फिर मुस्काएगी,

गुरुवर का आशीष मिले,हरियाली लहराएगी

प्रज्ञासागर के पथ पर चल, विश्व भी आदर्श बनेगा

स्वरचित गीत संगीतकार प्रखर जैन इदौर  से प्राप्त 

  संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

 

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