परम पूज्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज संघ एवम आर्यिका 105 आर्षमती माताजी संघ का हुआ महामिलन माताजी ने आचार्य श्री के दर्शन एवं उनकी आशीष को अपना सौभाग्य माना 

धर्म

परम पूज्य आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज संघ एवम आर्यिका 105 आर्षमती माताजी संघ का हुआ महामिलन माताजी ने आचार्य श्री के दर्शन एवं उनकी आशीष को अपना सौभाग्य माना 

 

    अलवर 

भीषण शीतलहर और कोहरे के बीच राजस्थान के प्रमुख शहर अलवर की धरा एक धार्मिक इतिहास का पर्याय बन गई।

 

यह क्षण थे वाककेसरी संत आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज संघ एवम आर्यिका 105 आर्षमति माताजी के महामिलन के माताजी संघ पूर्व में ही अलवर में विराजमान था आचार्य श्री का मंगल विहार रामगंज मंडी से वर्षा योग उपरांत कोटा जयपुर दोसा होते हुए अलवर की ओर हुआ आचार्य श्री गुरुग्राम होते हुए सरूरपुर होते हुए कर्नल हेतु प्रस्थान कर रहे हैं।

 

 

 

   आचार्य श्री के आगमन से अलवर वासियों में हर्ष एवम खुशी की लहर साफ देखी जा सकती थी जब अलवर के अंबेडकर सर्किल पर आचार्य श्री संघ का आगमन हुआ तो गुरु मां संघ ने विनय भाव से आचार्य श्री के समक्ष नमोस्तु निवेदित किया और विनय भाव के क्षण सचमुच आनंदित एवं भावुक कर देने वाले थे। माताजी संघ ने नमोस्तु निवेदित करते हुए आचार्य श्री संघ की परिक्रमा की और उनके चरणों में नमोस्तु निवेदित किया उन चरणों में आचार्य श्री ने माताजी संघ को अपना मधुर मुस्कान के साथ आशीर्वाद प्रदान किया जब यह महा मिलन हो रहा था तो जय जयकार का शोर सुनाई दे रहा था।

महामिलन के बाद अंबेडकर सर्किल स्थित जैन भवन में धर्म सभा हुई धर्म सभा का वातावरण अत्यंत हर्षित एवं गदगद करने वाला था। इस अवसर पर बोलते हुए आर्यिका 105 आर्षमति माताजी ने कहा कि आज आचार्य श्री के दर्शन एवम आशीर्वाद मिला यह मेरे लिए बहुत ही सौभाग्यशाली क्षण है।

 

इन अलौकिक क्षणों में भक्ति आस्था श्रद्धा समर्पण संयम का वातावरण परिलक्षित हुआ। निश्चित रूप से संतों के महासमागम महामिलन धर्म संस्कृति समन्वय और आस्था का पर्याय बनकर परिलक्षित तो होते हैं साथ ही सकारात्मक वातावरण को प्रस्फुटित करते हैं। 

          संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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