दस दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शिविर का समारोह पूर्वक भव्य समापन, क्षारसूत्र,पंचकर्म और अग्निकर्म से मिला अद्‌भुत स्वास्थ लाभ,शिविर में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से कुल 3196 रोगियों को मिला स्वास्थ्य लाभ,

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दस दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शिविर का समारोह पूर्वक भव्य समापन, क्षारसूत्र,पंचकर्म और अग्निकर्म से मिला अद्‌भुत स्वास्थ लाभ,शिविर में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से कुल 3196 रोगियों को मिला स्वास्थ्य लाभ,

 

रामगंजमण्डी।

आयुर्वेद विभाग व राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में मेड़तवाल वैश्य समाज भवन जुल्मी रोड रामगंजमण्डी में आयोजित नि:शुल्क 10 दिवसीय आयुर्वेदक्षारसूत्र अन्तरंग शल्य चिकित्सा शिविर का 31 दिसम्बर बुधवार को भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। दस दिनों तक चले इस शिविर में सैंकड़ों रोगियों ने शल्य चिकित्सा,पंचकर्मा काय चिकित्सा,अग्निकर्म, और स्वर्ण प्राशन जैसी आयुर्वेदिक विद्याओं द्वारा लाभ प्राप्त किया। शिविर का शुभारंभ शिक्षा व पंचायती राज मंत्री मंदन दिलावर के कर कमलों द्वारा हुआ था। समापन समारोह में मुख्य अतिथि राजेन्द्र गुप्ता अध्यक्ष मेड़तवाल वैश्य समाज रामगंजमण्डी रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रवीन सिंह मीणा उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग कोटा ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि दिनेश डपकरा उपाध्यक्ष कोटा स्माल स्कूल इन्डस्ट्रीज रामगंजमण्डी रेखा सोनी अध्यक्ष महिला मण्डल भारत विकास परिषद उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने शिविर की चिकित्सा व्यवस्था और रोगियों को मिले व्यापक लाभ की सराहना की।

 

 

 

 

 

शिविर प्रभारी डॉ. सुशील बैरागी ने दस दिवसीय शिविर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुये बताया कि यह शिविर आयुर्वेद चिकित्सा की प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। शिविर में क्षारसूत्र पद्धति से डॉ. बी. एल. यादव, डॉ हरनारायण मीणा व उनकी टीम ने अंतिम दिवस तक कुल 111 रोगियों के अर्श (मस्सा), भगन्दर (फिस्टुला), परिकर्तिका ( फिशर) आदि गुद रोगों के सफल ऑपरेशन किये। अर्श- भगदंर जैसे रोगों के लिये आयुर्वेद क्षारसूत्र पद्धति अत्यंत प्रभावी है। मंच का संचालन डॉ. शिवशंकर सोनी द्वारा किया गया।

 

 

 

गोकुल गुप्ता महामंत्री मेड़तवाल समाज ने शिविर में देखी गई सेवा भावना, अनुशासन व टीम वर्क प्रेरणादायक बताया।सहायक शिविर प्रभारी प्रथम डॉ. दीपक आर्य ने बताया कि शिविर में पंचकर्म चिकित्सा द्वारा 119 रोगियों तथा अग्निकर्म चिकित्सा द्वारा 732 रोगियों को जोड़ों के दर्द, कमर दर्द,घुटना दर्द व सियाटिका सहित आदि रोगों में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ है। शिविर प्रभारी द्वितीय डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि शिविर में 215 बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली स्वर्णप्राशन बूंद पिलाई गई। शिविर में बहिरंग चिकित्सा (ओपीडी) द्वारा विभिन्न रोगों के 2730 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श व औषध वितरणकिया गया तथा शिविर में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से कुल 3196 रोगियों को अधिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ है।

 

 

 

 

 शिविर में डॉ. शत्रुघ्न शर्मा, डॉ. शिवशंकर सोनी, डॉ. नीलम अग्रवाल,

डॉ. अरविन्द्र जादौन, डॉ.मुक्ति शर्मा,डॉ कौशल शर्मा, डॉ. अनिता गौतम डॉ नेहा गंगवानी, डॉ. बाबूलाल बैरवा,रामदयाल बैरवा, डॉ दीनदयाल बैरवा, डॉ कपिल सोनी,डॉ राकेश वेदवाला डॉ निरंजन परालिया, डॉ. पूजा मीणा व डॉ सुप्रित कौर, ने अपनी सेवायें दी। साथ ही सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉ घनश्याम वैष्णव ने भी शिविर व्यवस्था में अपना पूर्व सहयोग किया। शिविर में कम्पाउन्डर जगदीश चन्द्र, दिनेश कुमार, सोनू कुमार, शिवप्रकाश, मीणा, श्यामलाल मीणा,दिनेश लक्षकार, प्रशान्त, छोटे लाल माली, नवीन गोचर,मोतीलाल, संदीप कुमार, मायाराम, इतिश्री, टीना कुमारी,श्रीचंद गुर्जर,शीला कुमारी, आशा कुमारी, कविता, रिंकू कुमारी व पद्मा बैरवा ने भी अपनी सेवा प्रदान की। परिचारक गण में मेघराज, घनश्याम,भैरूलाल,जगदीश, महावीर,कुंज बिहारी,इमरान, मुकेश, मंजुलता, राजवन्ती व ममता बाई ने रोगियों की देखभाल में अपनी सेवाये दी। 

 

 

शिविर में सहायक निदेशक आयुर्वेद विभागा कोटा डॉ. पवन सोनी तथा लेखाधिकारी कुलदीप शर्मा एवं मीडिया बन्धु जितेन्द्र जोशी,राजू राठौर,साबिर खान,गोलू राठौर व अभिषेक लुहाड़िया भी उपस्थित रहे।

संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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