धर्मतीर्थ क्षेत्र में दो महान राष्ट्रसंतों गुरुभाईयों आचार्यों के मिलन का साक्षी बनेगा।* *25 दिसंबर को दोपहर3:00बजे होगा राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी गुरुदेव एवम राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी गुरुदेव का होगा महामिलन* 

धर्म

धर्मतीर्थ क्षेत्र में दो महान राष्ट्रसंतों गुरुभाईयों आचार्यों के मिलन का साक्षी बनेगा।* *25 दिसंबर को दोपहर3:00बजे होगा राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी गुरुदेव एवम राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी गुरुदेव का होगा महामिलन* 

धर्मतीर्थ अतिशय क्षेत्र

  महाराष्ट्र की पावन धरा पर स्थित नवजिन शान्ति जिनालय धर्मतीर्थ अतिशय क्षेत्र पर प्रथम बार जगतगुरु गणाधिपति गणधराचार्य श्री कुन्थुसागरजी गुरुदेव के दो शिष्य नवग्रह तीर्थ प्रणेता शिक्षण महर्षि राजर्षि राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी जी गुरुदेव का महामिलन धर्मतीर्थ प्रणेता क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ससंघ का 25 दिसंबर दोपहर की बेला में होने जा रहा है।

 

 

इस महा समागम को लेकर संपूर्ण देश की निगाहें धर्मतीर्थ क्षेत्र पर टिकी हुई हैं जी हां होगी भी क्यों नहीं यहाँ दो ज्ञान धाराओं का समागम जो होने जा रहा है। इसके साथ ही जिनशासन के गौरव को जयवंत किया है।

 

हाल ही में क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी गुरुदेव ने पुणे में जैन समाज पर आए उपसर्ग को दूर करने में अपना सब कुछ समर्पित किया उसका प्रताप यह हुआ कि वर्षों से जैन धर्म की धरोहर पुणे hnd हॉस्टल व विश्व वंद्य महावीर दिगंबर जैन मंदिर परिसर बच पाया।इतना ही नहीं आपने अहिल्यानगर की श्वेतांबर व दिगंबर जैन समाज की दो अलग अलग जमीन भी समाज को वापस लौटना का आह्वान किया।और उन्हें बचाया है। जिसका जैन जगत् सदा सदा ऋणी रहेगा। इसी के साथ अंजनगिरी व धर्मतीर्थ क्षेत्र के कायाकल्प में भी उनका योगदान है। वहीं क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुणधरनंदी ने नवग्रह तीर्थ जैसी अनुपम निधि समाज को एवं जैन जगत को धरोहर के रूप में दी है। इसके अलावा आचार्य श्री ने कामकुमारनंदी जी की हत्या का प्रकरण में, नांदनी मठ की हथिनी माधुरी महादेवी को वापस लौटाने के लिए, कुंथलगिरी सिद्ध क्षेत्र को बचाने के लिए, कर्नाटक व भारत में अनेकों बार जैनों के अधिकारों की रक्षा के लिए, धर्मस्थल के राजा धर्माधिकारी वीरेन्द्र हेगड़े जी पर आये झूठे आरोप से बचाने के लिए, HND पुणे को बचाने के लिए इत्यादि अनेकों प्रकरणों में आपने जोरदार आह्वान करके हर क्षेत्र में सफलतायें प्राप्त की हैं।

ऐसे दो महान क्रांतिकारी राष्ट्रसंतों आचार्यों साधर्मी गुरुभाईयों के मिलन के साक्षी बनने के लिए अनेक लोगों के धर्मतीर्थ पहुंचने की संभावना बनी हुई है। यह महा मिलन 25 दिसंबर की संध्या बेला में 3:00बजे धर्मतीर्थ पर होगा। जो एक इतिहास लिख देगा। यह क्षण इतिहास के पन्नों पर जीवंत होगा।

 

मिलन को लेकर एवं अगवानी को लेकर क्षेत्र कमेटी संपूर्ण तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। यह महा मिलन कितना भव्य होगा कल्पना से परे है।

      अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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