परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर नैनवा में हुआ महिला सेमिनार पोस्टर का विमोचन मानव जीवन का सारः  – चरित्र आर्यिक विज्ञा श्री

धर्म

परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर नैनवा में हुआ महिला सेमिनार पोस्टर का विमोचन मानव जीवन का सारः  – चरित्र आर्यिक विज्ञा श्री

जयपुर/

परम पूज्य आचार्य 108 श्री विराग सागर जी महाराज की सुयोग्य शिष्या परम पूज्य भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर नैनवा समाज में बच्चों से लेकर बड़ों तक मन में धर्म की भव्य प्रवाहना बढ़ रही है जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि प्रातः नित्य प्रतिदिन श्री आदिनाथ संस्कार पाठशाला के बच्चों ने मिलकर जिनाभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न की। तत्पश्चात गुरु मां ने अपने मंगलमय प्रवचन में मानव जीवन का महत्व बताते हुए कहा कि फूल का सार है इत्र, दूध का सार मलाई है, उसी प्रकार मानव जीवन का सार चारित्र है ,चाहे देव हो ,नारकी हो,त्रिर्यन्च हो कोई भी जन्म लेता है तो मुट्ठी खोल कर लेता है लेकिन मनुष्य ही है जो मुट्ठी बांधकर जन्म लेता है क्योंकि वही अपने साथ संयम रूपी रत्न लेकर आता है ।मनुष्य ही संयम के द्वारा भगवान बन सकता है और कोई नहीं बन सकता है ।इसलिए मनुष्य मुट्ठी बांधकर आता है ,पूज्य गुरु मां के पावन सानिध्य में आज भौतिकता की दुनिया में जीने वाली महिलाओं को सुसंस्कार देने के लिए महिला सेमिनार का 21 और 22 अप्रैल को होने वाले आयोजन के पोस्टर का समाज के सहयोग से विमोचन किया, कार्यक्रम मे सभी श्रावकों को भाग लेने हेतु दोपहर 2:00 बजे उपस्थित होकर धर्म का लाभ लेने और जीवन को संस्कारित बनाऐ जाने हेतु आमंत्रित किया गया है।

*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*

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