जैन संतों ने दिया आशीर्वाद दिगंबर जैन महासभा एक प्राचीन सभा है – आचार्य वर्धमान सागर जी
निवाई – आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने कहा कि आचार्य शांति सागर महाराज नहीं होते तो हम भी नहीं होते, दिगंबर जैन महासभा एक प्राचीन सभा है जिसमें सदैव संस्कृति की रक्षा के लिए अनेक कार्य सम्पन्न किए चाहे वह धर्म संस्कृति हो, चाहे वह साधु हो चाहे वह श्रुत जिनवाणी हो। महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल सेठी को याद करते हुए कहा कि अपना तन मन धन और पूरा जीवन इस महासभा के लिए समर्पित किया।
आज आप सभी पदाधिकारियों ने देव शास्त्र और गुरु के साक्षी में शपथ ग्रहण किया। इस दौरान नवनिर्वाचित महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम के अवसर मुनि हितेंद्र सागर जी महाराज ने कहा कि महासभा के अन्तर्गत जितनी भी संस्थाए है उनको अपने कर्तव्य का पालन अच्छी तरह से करना चाहिए।
प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज ने सर्व प्रथम इस महासभा को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को महासभा को संस्कारित करना चाहिए एवं देश भर से आए सभी निर्वाचित कार्यकारिणी को आशीर्वाद दिया।


