मुनिसुव्रतनाथ भगवान के समय ही पैठन अतिशय क्षेत्र के अतिशय कारी भगवान की मूर्ति बनी-आचार्य गुप्तिनंदी
औरंगाबाद/पैठन।
क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री 108गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ने बताया कि गोदावरी नदी के किनारे नदी की बालू रेत से बनी भगवान की मूर्ति बाढ़ के अनेकों प्रवाह में भी यथावत रही।आजतक अखंडित रही यही उनका सबसे बड़ा अतिशय है।तब से लेकर आजतक यहाँ प्राचीन आर्ष परम्परा से विधिवत पँचामृत अभिषेक बड़े ठाटबाट से चल रहा है।
लगभग11लाख छियासी हजार साढ़े पांच सौ वर्ष से विराजमान इन भगवान की हरिषेण चक्रवर्ती, राम बलभद्र, लक्ष्मण नारायण,हनुमान कामदेव, रावण प्रतिनारायण, खरदूषण आदि आदि विशेष महापुरुषों के साथ लाखों करोड़ों जीवों ने अभिषेक, पूजा, आराधना करके अपने जीवन का उद्धार किया है।यहाँ सदैव निःशुल्क भोजन व आवास की सुविधा उपलब्ध है।क्षेत्र की ओर से निःशुल्क नेत्रालय, चिकित्सा पद्धति, और मुनिसुव्रतनाथ इंग्लिश मीडियम स्कूल में धर्म के साथ उत्तम लौकिक शिक्षा दी जाती है।




यहाँ के ट्रस्टी ही बढ़चढ़कर दान करने में आगे रहते हैं।वे ही सालभर निःशुल्क भोजन, पूजन, व आवास योजना अपना स्वयं का दान करते हैं फिर भी भारत देश वा विदेश के अनेकों भक्तगण यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धा भक्ति से दर्शन, पूजन, दान आदि करते रहते हैं।प्रतिदिन पैठण शहर में रहने वाले सभी श्रावक/श्राविकाएं बड़े पैमाने पर श्रद्धा भाव से अतिशय चमत्कारिक श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान सहित सभी जिन प्रतिमाओं का भव्यता पूर्वक दर्शन, पँचामृत अभिषेक,शान्तिधारा, पूजन विधान आदि धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।और सदैव क्षेत्र की वृद्धि में दान करने में आगे रहते हैं।इसलिए इन्हें भी भरपूर लाभ मिलता है।लेकिन सभी स्वार्थ सिद्धि को छोड़कर परमार्थ सिद्धि में तत्पर हैं।
प्रतिदिन के अलावा प्रत्येक शनिवार, अमावस्या आदि को यहाँ विशेष पँचामृत अभिषेक होता है।और शनिअमावस्या को तो यहाँ विशेष मेला लगता है।जिसमें दिन भर में संपूर्ण भारत के दस हजार से अधिक यात्रीगण यहाँ पुण्यार्जन करते हैं। इस शनिअमावस्या की महाप्रसादी का सौभाग्य श्री संतोष श्रीपाल कासलीवाल परिवार ने प्राप्त किया।वहीँ सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य श्री अशोक, विनीत हंसराज,ऋषभ सुनील जैन परिवार दिल्ली को मिला, और महाशान्तिधारा का सौभाग्य केशुभाई कोठारी परिवार मुंबई ने प्राप्त किया।उसके पहले जल अभिषेक डाक्टर कल्याण गंगवाल पुणे,इक्षुरस अभिषेक स्वप्निल गंगवाल, स्वप्निल जैन आनंद जैन पुणे,घी अभिषेक अनिल गंगवाल परिवार नासिक, दूध अभिषेक मनोज चौधरी ग्रुप हैदराबाद, दही अभिषेक अमित बडजाते हैदराबाद, चार कलश मिलन,अमित सुमित निकुंज जैन परिवार हैदराबाद आदि परिवारों ने प्राप्त किया।
यहाँ की श्रद्धा भक्ति का यही विशेष प्रमाण है कि अभी से अगले दस साल तक की शनिअमावस्या के भंडारे यहाँ पहले से ही आरक्षित हो चुके हैं।
इस अवसर पर अतिप्राचीन श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पैठण में संपूर्ण ट्रस्ट एवं कार्यकारिणी,नवयुवक मंडल, महिला मंडल, नवयुवती मंडल, बहु मंडल, सकल दिगंबर जैन समाज पैठन व भारत के सभी आगंतुक भक्तों द्वारा विश्ववंद्य श्री महावीर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र HNDको बचाने वाले क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव को विशेष सम्मान पत्र समर्पित किया गया।जिसका वाचन क्षेत्र के महामंत्री श्री विलास पहाड़े ने किया।जैन समाज के साथ पैठन शहर के सासंद श्री सांदीपन भूमरे, विधायक श्री विलास भूमरे, व अहिल्यानगर के विधायक संग्राम जगताप सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने आचार्य श्री को क्रांतिकारी राष्ट्रसंत*का गौरव पत्र भेंट किया और आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।इससे पूर्व सुबह7:30से ठिठुराने वाली ठंड में सभी भक्तों ने आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी द्वारा रचित श्री मुनिसुव्रतनाथ पैठण विधान संपन्न किया।विधान में क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य श्री के साथ मुनि श्री विमलगुप्तजी, मुनि श्री वीरगुप्तजी, आगमस्वरा गणिनी आर्यिकाश्री आस्थाश्री माताजी, क्षुल्लक श्री शान्तिगुप्तजी, क्षुल्लिका श्री धन्यश्री माताजी, ब्र.कांचनदादी, मंचासीन थे।आचार्य श्री के साथ कंठ कोकिला गणिनी आर्यिकाश्री आस्थाश्री माताजी,विधानाचार्य श्री पंडित दीपक जैन,संगीतकार प्रवीण चौगुले, व ग्रुप की मधुर स्वर लहरियों में सभी भक्तगण मंत्रमुग्ध हो कर जिन भक्ति में झूमने लगे।
इस महोत्सव का जोरदार मंच संचालन श्री प्रवीण लोहाडे ने कियापैठण के अध्यक्ष श्री महावीर बडजाते ने बताया कल पैठण के सभी युवाओं द्वारा आचार्य श्री संघ का आहार बनाया जायेगा। दोपहर में आचार्य श्री संघ का विहार पैठण से पिंपलवाड़ी, ढोरकिन, कचनेर होते हुए 23दिसंबर को सुबह श्री धर्मतीर्थ क्षेत्र में मंगलप्रवेश होगा।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

