जेन इतिहास में पहली बार होगी 50 किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा बनेगा एक नया इतिहास युगल मुनिराज  मुनिश्री अमोघकीर्ति  अमरकीर्तिजी की  होगी मंगल आगवानी 

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जेन इतिहास में पहली बार होगी 50 किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा बनेगा एक नया इतिहास युगल मुनिराज  मुनिश्री अमोघकीर्ति  अमरकीर्तिजी की  होगी मंगल आगवानी 

  नमोकार तीर्थ 

भारत वर्ष के इतिहास में एक ऐसी स्वागत यात्रा जो अभूतपूर्व होगी जी हा यह स्वागत यात्रा होगी लगभग 50 किलोमीटर की होगी 

 

 

क्या होगा इस स्वागत यात्रा में 

स्वागत यात्रा के विषय में बताते हुए णमोकार तीर्थ कमेटी के अध्यक्ष श्री संतोष पेंडारी एवं संयोजक नीलम अजमेरा ने बताया कि युगल मुनिराज सम्मान में णमोकार तीर्थ समिति द्वारा 50 किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा होगी यह पदयात्रा ना भूतो न भविष्यति होने की संभावना है दिख रही है इस स्वागत यात्रा में जो कुछ होने जा रहा है यह बहुत ही अद्भुत एवं अलौकिक होगा जिसकी चर्चाएं चारों ओर हो रही है।

 

इस स्वागत यात्रा में पुलिस बैंड करेगा मानवंदना जो बहुत ही दिव्य अनुपम होगी नारी शक्ति घोष करती हुई करेगी शक्ति वंदना और भी अभूतपूर्व होगा जिस पर संपूर्ण जगत की निगाहें टिकी हुई है। और व्यक्ति पैदल चलते हुए महाराष्ट्र का गौरव पूजा करते हुए जय जय महाराष्ट्र की गूंज करेंगे। 

 

 

इस यात्रा में साइकिलिस्ट भी पीछे नहीं रहेंगे वे साइकिल से चलते हुए शुद्ध राष्ट्र का जयघोष करते हुए बताएगे संदेश देते हुए बताएगे रखो शुद्ध राष्ट्र नृत्य कला संस्कृति को जीवंत करते हुए आदिवासी नृत्य के द्वारा देश और संस्कृति शान को भी परिलक्षित किया जाएगा।

 

सही मायने में यह स्वागत यात्रा एक कीर्तिमान लिखने को आतुर है गुरु विनय करते हुए संपूर्ण भारतवर्ष की महिलाएं गुरु वंदन करते हुए करेगी गुरुओं का सम्मान जो विनय भाव को परीक्षित करेगा। इतना ही नहीं इस स्वागत यात्रा में और भी बहुत कुछ है जिसका वर्णन शब्दों की सीमाओं में असीमित है। फिर भी इस यात्रा का प्रारूप आप तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है यदि इसे शब्द रूपी सीपो के मोती से संजोने का प्रयास किया जाए तो यह स्वागत यात्रा का वर्णन असीमित होगा गुरु प्रतिमा भी इसमें साक्षात होगी साथ ही 24 परिवार एक साथ करेंगे गुरु का स्वागत 

       108 फीट लंबी लहराएगी ध्वजा 

इस अलौकिक स्वागत यात्रा का आकर्षण का केंद्र बिंदु जैन धर्म की ध्वजा पताका रहेगी जो 108 फीट लंबी लहराएगी जो काफी ऊंचाई से दिखाई देते हुए जैन धर्म का परचम पुलकित करेगी साथ ही संपूर्ण 50 किलोमीटर की स्वागत यात्रा में रंगोली निर्मित होगी। इसी के साथ अभूतपूर्व अष्ट द्रव्य थाल सजाकर णमोकार तीर्थ समिति भक्ति नृत्य करते हुए अलौकिक उत्साह के साथ पूजन करेगी। 

 

निश्चित रूप से ऐसा स्वागत होगा जो जो जैन दर्शन के इतिहास में स्वर्णिम इतिहास बनेगा जो स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा यह स्वागत यात्रा 19 से 21 दिसंबर तक संपन्न होगी जिसको लेकर तैयारियां को अंतिम रूप दे दिया गया है।

      अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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