सकल दिगम्बर जैन समाज समिति कोटा का सामूहिक क्षमावाणी आयोजन-रिद्धि सिद्धि में बरसी प्रभावना की समृद्धि
कोटा
जिन ऋद्धियों के बारे में हमें आगम से जानकारी मिलती है रविवार को कोटा के रिद्धि सिद्धि नगर में आयोजित सामूहिक क्षमावाणी आयोजन में जैसे उन्ही ऋद्धियों से साक्षात्कार हुआ हो…..
63 वीं रिद्धि होती है अक्षीण संवास रिद्धि जिसका प्रभाव से एक सीमित स्थान में भी चक्रवर्ती की सारी सेना समाहित हो जाती है…
और 64वीं रिद्धि होती है अक्षीण महानस जिसके प्रभाव से एक सीमित भोजन शाला में भी चक्रवर्ती की पूरी सेना अपनी क्षुधा से तृप्ति पा लेती है…..

वर्ष 2024 का सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के तत्वावधान में व रिद्धि सिद्धि नगर दिगम्बर जैन समाज व विशुद्ध वर्षयोग समिति के संयुक्त पुण्यार्जन में आयोजित सामूहिक क्षमावाणी समारोह एवं प्रतिभावान छात्र छात्रा व तपस्वी सम्मान समारोह का आयोजन अपनी इन्ही उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ ।
प.पू. चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्धसागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य श्रुत संवेगी मुनि 108 श्री आदित्य सागर जी, मुनि 108 श्री अप्रमित सागर जी, मुनि।108 श्री सहज सागर एवं क्षुल्लक105 श्री श्रेयस सागर जी के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में दशलक्षण महापर्व के दौरान 10 उपवास करने वाले कोटा नगर के लगभग 70 तपस्वी श्रावकों के साथ शिक्षा एवं विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले 40 व्यक्तित्वों एवं सर्वश्रेष्ठ मन्दिर सजावट, मांडना व श्रेष्ठ झांकी दर्शन हेतु सम्मान एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये ।
*अक्षीण संवास सा हुआ प्रतीत…*
कोटा नगर ही जैसे सम्पूर्ण हाड़ौती आयोजन में उमड़ पड़ी हो, दोपहर से ही श्रावको, गुरुभक्तों का लगातार आना प्रारम्भ हो गया, मुनिसंघ के आगमन के साथ ही पूरा पांडाल भक्तो की भीड़ से खचाखच भर गया । फिर भी लगातार भक्तों के आने का क्रम जारी था और यह आतिशायिक ही था कि जितने श्रावक आ रहे थे उसी स्थान पर समाहित होते जा रहे थे, ओर सबसे बड़ी बात की कार्यक्रम की समाप्ति तक पूरे पांडाल का यही दृश्य बना रहा ।
*वात्सल्य से परिपूर्ण रही भोजन व्यवस्था जैसे अक्षीण महानस के दर्शन हुए हो….*
आने वाले सभी श्रावको ने कार्यक्रम पश्चात वात्सल्य पूर्ण वात्सल्य भोज का रसास्वादन किया । स्थानीय समाज द्वारा जंहा सुंदर भोजन व्यवस्था का नियोजन किया वहीं सकल दिगम्बर जैन महिला प्रकोष्ठ, सकल दिगम्बर जैन युवा प्रकोष्ठ एवं स्थानीय युवा मंडलो ने उसी व्यवस्था को बखूबी सम्पादित किया ।
एक सीमित स्थान में हजारों की संख्या श्रावको ने सामूहिक भोज का निर्विकल्प आनंद लिया और सबसे बड़ी बात किसी भी द्रव्य में किसी भी प्रकार की कोई कमी का संकेत तक प्राप्त नही हुआ ।
*मेरी नजर में यह ऐतिहासिक हुआ..*







नदी पार हुआ शायद इतना विशाल पहला आयोजन किसी इतिहास निर्माण से कम नहीं, क्योंकि सामूहिक क्षमावाणी का आयोजन नदी पार पहली बार हुआ ओर वो भी ऐसा जैसा पहले कभी नही हुआ ।
ऐसा अभूतपूर्व आयोजन श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति, श्री चन्द्र प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर समिति एवं विशुद्ध वर्षायोग समिति के साथ कोटा के सभी महिला एवं युवा मंडलो की संयुक्त भागीदारी से ही सम्पन्न हो पाया ।
एक मंच एक बैनर के नीचे रहकर सदैव अपनी पहचान बनाने वाले कोटा दिगम्बर जैन समाज में इस बार तो इतिहास बनाया ।
-राकेश जैन ‘चपलमन’
