श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव पीपलदा का शुभारंभ आचार्य संघ आगमन, जिनेन्द्रआज्ञा ओर हल्दी कार्यक्रम से।
पीपलदा सवाई माधोपुर 26 नवंबर( राजेश पंचोलिया इंदौर)पंच कल्याणक की धार्मिक क्रियाएं देव गण करते हैं यह सौभाग्य पुण्य से आपको मिला है प्रतिष्ठाचार्य के निर्देशन में सभी धार्मिक अनुष्ठान में गर्भ ,जन्म, दीक्षा तप केवल ज्ञान और मोक्ष कल्याणक की क्रियाएं गंभीरता से आकुलता के बिना समय पर करना चाहिए। धार्मिक क्रियाओं अभिषेक पूजन आदि से पुण्य की प्राप्ति होती हैं। पंच कल्याणक में पाषाण को सूरी मंत्रोच्चार से विधि पूर्वक भगवान बनाया जाता हैं। धार्मिक कार्य क्रियाओं में भावों परिणामों में निर्मलता रहना चाहिए भावनाओं से सिद्धि प्राप्त होती हैं यह मंगल देशनाआचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पंच कल्याणक के सभी पात्रों को आशीर्वाद देते हुए प्रगट की
गुरुभक्त राजेश पंचोलिया इंदौर के अनुसार परमपूज्य वात्सल्य वारिधि राष्ट गौरव 108 आचार्य श्री वर्धमानसागर जी सानिध्य में 28 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक होने वाले सप्ताहभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान की शुरुवात 25 नवंबर को आचार्य श्री के मंगल आगमन से हो गई। श्री मनोज जैन सोगानी एवं श्री बजरंगलाल महाजन अनुसार 26नवंबर को प्रातः 7:00 बजे -नित्याभिषेक पूजन (अस्थायी जिनालय में ) पश्चात प्रातः 8 बजे -जिनेन्द्राज्ञा आचार्य आज्ञा हेतु सकल समाज, पंच कल्याणक समिति एवं पंच कल्याणक महोत्सव के समस्त प्रमुख पात्रगणों ने मंगल वाद्ययंत्रों के साथ हाथों में मंगल द्रव्य लेकर चंद्रपुरी नगरी से जिनालय प्रस्थान कर और जिनेन्द्र भगवान के चरणों में अनुष्ठान की सफलता के लिए निवेदन कर अध्र्य समर्पित किया। प्रातः 8:30 बजे -गुरुआज्ञा हेतु सकल समाज एवं सौधर्मादि सभी पात्र संत भवन में विराजमान पूज्य आचार्य भगवन के चरणों में श्रीफल निवेदित किया।आचार्य संघ की आहार चर्या के बाद पूर्वाह्न 11 बजे – सभी पात्रों का माता पिता शांति देवी प्रदीप वेद, सौधर्म इंद्र शचिइंद्राणी श्रीमती पूर्वा समर कंठाली कुबेर श्रीमती महिमा रजत बोहरा महायज्ञनायक श्रीमती मीना दीपक प्रधान धामनोद,सनतश्रीमती संतोष रमेश सिंघल, ब्रह्म श्रीमती कंचन देवी रामपाल चवरिया निवाई ईशान श्रीमती शांति ओम सिंघल आदि सभी इंद्र परिवार का मंगल स्नानचंद्रपुरी नगरी कार्यक्रम प्रांगण में अपराह्न 1:00 बजे -मंडप में अंकुरारोपण की सम्पूर्ण विधि इंद्राणियों के द्वारा की जाकर दोपहर :.2:00 बजे सभी पात्रों का नान्दीमंगल क्रिया (हल्दी आदि )प्रतिष्ठाचार्य श्री मनोज शास्त्री के निर्देशन में मंत्रोच्चार पूर्वक चंद्रपुरी नगरी में उल्लास भक्ति संगीत के साथ हुई सभी इंद्र इंद्राणियो को परिजन एवं समाज ने हल्दी लगाकर उनके पुण्य की अनुमोदना की हल्दी चेहरे शरीर कपड़े पर लगाने से होली जैसा परिदृश्य हो गया।सांय : 6:00 बजे श्री जी की आरती के बाद पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की आरती ( संत भवन में )7:00 बजे संगीत नृत्य भक्ति जोश उत्साह पूर्वक हुई। महिलाओं द्वार( नवीन जिनालय में )रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम मंगल गीत आदि हुए।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
