आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित 25 नवंबर को पीपलदा प्रवेश करेंगे।देव शास्त्र गुरु के सानिध्य से पाप नष्ट होकर पुण्य की प्राप्ति होती हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
बोली 24 नवंबर (राजेश पंचोलिया इंदौर)मनुष्य की दैनिक क्रिया भगवान के दर्शन अभिषेक पूजन से प्रारंभ होती है। पुण्य उदय से ही देव शास्त्र गुरु का सानिध्य प्राप्त होता है, जब आप पूर्व जन्म में अच्छे कार्य करते हैं जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है तब दुर्लभ मनुष्य पर्याय मिलती है इसलिए पिछले जन्म में जो पुण्य किया था उसका फल अभी मिला है इस जन्म में आप जो जैसा कार्य करेंगे उसका फल इस गति इस भव और अगले भव में प्राप्त होगा । सम्यक दर्शन का कारण जिन बिंब प्रतिमा का दर्शन होता है। जिन भगवान के दर्शन किस प्रकार करना चाहिए इसकी विवेचना में प्रवचन में बताया कि भगवान के दर्शन करते समय बहुत से प्राणी आंखें बंद कर दर्शन करते हैं जबकि भगवान के दर्शन नेत्र खोलकर पंचांग नमस्कार के साथ दोनों हाथ और मस्तक और पैरों को जमीन में रखकर तीन बार मन वचन काय की अनुमोदना के साथ दर्शन करना चाहिए। भगवान के दर्शन विवेक श्रद्धा और भक्ति से करने से रोग़ भी ठीक होते हैं। मनुष्य का कर्तव्य प्रतिदिन भगवान के दर्शन, अभिषेक , स्वाध्याय करना होता हैं पूजन करने से दो कषाय क्रोध और लोभ कषाय भगवान के पूजन स्वाध्याय धार्मिक क्रिया करते समय नहीं होती है।धार्मिक क्रिया में पाप में आसक्ति नहीं होती है। आप जो कार्य करते हैं उस अनुसार गति का बंध होता है
यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मंगल विहार के दौरान धर्म सभा में प्रगट की। गुरु भक्त राजेश पंचोलिया ,श्री मनोज जैन सोगानी श्री विमल सिंघल के अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने , मुनि श्री हितेंद्रसागर,मुनि श्री चिंतनसागर, मुनि श्री भुवनसागर,आर्यिका श्री विन्रम मति,आर्यिका श्री प्रणतमति आर्यिका श्री निर्मोहमति सहित 24 नवंबर को दोपहर को 6.7किलोमीटर विहार कर संघ का रात्रि विश्राम बत्तीलाल मीणा के मकान के पास पीपल्दा रोड़ पर हुआ। 25 नवंबर को आचार्य श्री सहित सप्तऋषियों का सुबह 3 km विहार होकर बहु प्रतीक्षित भव्य मंगल प्रवेश 1008 श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पीपलदा में होगा। सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष श्री बजरंग लाल महाजन,श्री रमेश चंद सिंघल,श्री लल्लू प्रसाद अनुसार पंच कल्याणक समिति के पदाधिकारियों सहित, पंच कल्याणक महोत्सव के माता पिता श्री प्रदीप वेद,श्री समर कंठाली सौधर्म इंद्र,श्री दीपक प्रधान महा यज्ञनायक,श्री रजत बोहरा सहित अनेक इंद्र परिवार आस पास नगरों की समाज राजस्थान के राजकीय अतिथि का चरण प्रक्षालन कर मंगल आरती कर अभिनंदन करेंगे।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
