मुनि श्री के मुखारविन्द से नवीन जिनालय का नाम पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन चोंबीसी
तेंदुखेड़ा
गजरथ समापन उपरान्त निर्यापक श्रमण मुनि श्री समयसागर महाराज ने कहा तेंदुखेड़ा समाज ने नवीन जिनालय के निर्माण के लिए भावना के साथ गुरुदेव से निवेदन किया था फलस्वरूप जिनालय का निर्माण लगभग हो गया है और मंदिर में भगवान भी विराजमान हो गए। साथ ही पुराने जिनालय के भगवान भी नए जिनालय में विराजमान हो चुके है। उसके अलावा समाज ने ऐसे भाव रखे थे की आप नए जिनालय का नामकरण करें। जिससे श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन चोंबीसी जिनालय नामकरण किया गया है।
उन्होंने कहा इसके स्थापित करने का भाव जिसके व्यक्ति के भीतर होता है।वो मात्र अपना हित नही करता है,लेकिन आने वाली पीढ़ी और जनता का हित करता है। इस प्रकार यह पंचकल्याणक महोत्सव आज सानन्द संपन्न हुआ है। यह अपमे आप नही हुआ है, आप लोगो ने पुरुषार्थ किए है। जिसे भुलाया नही जा सकता।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
