युवा पीढ़ी की और से की गई सामाजिक बदलाव की पहल
दुल्हे के परिवार ने दहेज लेने से किया इनकार
भवानीमंडी
युवा पीढ़ी की और से सामाजिक बदलाव की पहल की गई सचमुच एक मिसाल है जी वाकया है जोधपुर में निवासरत एक राजपुत परिवार के डॉक्टर पुत्र का जी हा इस परिवार ने अपने पुत्र के ससुराल से शकुन के तौर पर सिर्फ एक रुपया औऱ श्रीफल लिया। जो एक नई पहल कही जा सकती है। युवा पीढ़ी की और से की गई इस अनूठी पहल सामजिक बदलाव की पहल चर्चा का विषय बनी रही।
जब दुल्हन के परिवार में डॉक्टर दुल्हे का रिश्ता आया तो परिवारजन में खुशी की लहर थी। वही परिवार में डर व संकोच था की दुल्हा डॉक्टर है तो उनकी मांग बडी हो सकती है। लेकिन दुल्हन के परिवार जन द्वारा दहेज लेने से मना कर दिया तब विवाह समारोह मौजूद परिवारजन व हर कोई मोजूद सदस्य हैरान रह गए। यह पहल आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है।
एक परिचय दुल्हे
दुल्हे के विषय मे हम जाने तो डॉक्टर दुष्यंतसिंह चौहान जोधपुर निवासी है। और एक ग्राम में चिकित्सा अधिकारी है। हाल ही में उनका संबंध भिलवाडी हाल भवानीमंडी (झालावाड़) निवासी पूर्व सैनिक बृजराज राठौड़ की पुत्री कल्पना कंवर राठौड़ से निश्चित हुआ। यह दोनों युवा युगल 11 dec 2021 को परिणय सूत्र में बंधे।
हम सभी जानते जब पिता बेटी को विदा करता है तो कही अरमान संजोता है। औऱ विशेष कर व सब कुछ करके या कर्जा करके पाई पाई जोड़कर सामाजिक बंधनो के आगे दहेज का प्रबंध करता है। वैसा ही बेटी परिवार व दुल्हन परिवार प्रबंध किया ही जा रहा था। इसी दौरान जो हुआ एक अलौकिक उदाहरण दे गया जी हा तभी दुल्हे के बड़े भ्राता मिलिट्री इंजीनियर सेवारत एईएन अभिषेक चौहान द्वारा दुल्हे के ससुर बृजराज सिंह से दहेज लेने से स्पष्ट मना कर दिया। और जब जो हुआ वह भावुक क्षण रहा होगा जब दुल्हे पक्ष की और से शकुन के रूप में एक रुपया व श्रीफल स्वीकार किया।
वही दूल्हे के बड़े भाई अभिषेकसिंह का कहना है उनके पिता श्री एयरफ़ोर्स में थे। इसलिए हमारा परिवार सामाजिक बुराई के खिलाफ रहा। इस काऱण उन्होनें भी दहेज नही लिया। छोटे भाई का रिश्ता तय होने के उपरान्त दोनो भाइयो ने यह निश्चित कर लिया था कि वे उसकी शादी में भी दहेज नही लेगे।
इसे हम विडम्बना ही कहेंगे की आज भी समाज मे ऐसी कुरूतिया विद्यमान ऐसे में युवा पीढ़ी की यह सामाजिक पहल एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
