आप किसी के स्वभाव और फिदरत को नहीं बदल सकते प्रसन्न सागर महाराज
बदायू रोड
आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आप किसी का स्वभाव या फितरत को नहीं बदल सकते।
उन्होंने कहा यदि आप प्याज को प्यार से भी काटो तब आंसू निकल आते हैं..!एक युवती ट्रेन में चढ़ी और उसने अपनी सीट पर एक आदमी को बैठे देखा। उसने विनम्रता से अपना टिकट चेक किया और कहा – “सर, मुझे लगता है कि आप मेरी सीट पर हैं।” उस आदमी ने अपना टिकट निकाला और चिल्लाकर बोला – “ध्यान से देखो, यह मेरी सीट है! पढ़ी लिखी मुर्ख, ना समझ, क्या तुम अंधी हो इतना भी समझ नहीं आता-?!

लड़की ने ध्यान से उसका टिकट चेक किया और बहस करना बंद कर दिया। वह चुपचाप उसके पास खड़ी हो गई। ट्रेन चलने के बाद, लड़की झुकी और धीरे से बोली, “सर, आप गलत सीट पर नहीं है, लेकिन आप गलत ट्रेन में है। यह मुंबई जा रही है, और आपका टिकट अहमदाबाद का है।

महाराज श्री ने समझाया जब इन्सान ठण्डे दिमाग और शान्त चित्त से सोचता है तब उसे अपने अच्छे-बुरे करने का एहसास होता है। यदि चिल्लाने से या हल्ला करने से समाधान हो जाता, तो गधे और कुत्ते आज भारत पर राज कर रहे होते।
इसलिए एक अहंकारी है और एक संस्कारी है – अहंकारी झुकाकर खुश होता है और संस्कारी झुककर खुश होता है…
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
