पंच कल्याणक महा महोत्सव हैं इससे पुण्य की प्राप्ति होती हैं
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
बोली 23 नवंबर(राजेश पंचोलिया इंदौर)
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है जिसमें नर को नारायण ,पाषाण को भगवान बनाया जाता है पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार प्राप्त होते हैं तथा सभी को पुण्य की प्राप्ति होती है। नगर के मूल नायक सिर्फ पारसनाथ भगवान का आशीर्वाद सेवा भक्ति का फल था कि यहां के धर्मात्मा जीव को बही पारसनाथ में पारसनाथ भगवान के पंचकल्याणक में साधु परमेष्ठी बनने का सौभाग्य मिला ।आपके नगर के सुरेश चंद जी शाह दीक्षा लेकर मुनि श्री भुवन सागर जी बने। इसके पूर्व इनके गृहस्थ अवस्था के पुत्र महेंद्र जी भी मुनि श्री हितेंद्र सागर जी होकर संघ में विद्यमान है 3 वर्ष दिसंबर माह में संघ का बोली आगमन हुआ था तब अनायास संघ के मुनि श्री श्रेयस सागर जी की समाधि हुई। यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने मुनि श्री हितेंद्र सागर जी मुनि ,श्री भुवनसागर जी की जन्मस्थली बोली नगर में प्रवेश के अवसर पर आयोजित धर्म सभा में प्रकट की।

गुरुभक्त राजेश पंचोलिया लोकेश गजराज टोंक के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि 3 वर्ष पूर्व पीपलदा के प्राचीन मंदिर की स्थिति देखकर बहुत पीड़ा हुई थी संघ के आशीर्वाद और प्रेरणा से 3 वर्षों में नया मंदिर बनकर तैयार हो गया है जिसकी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक होगी। पंच कल्याणक कार्यक्रम संपूर्ण सवाई माधोपुर जिले का हैं सभी को शक्ति और भक्ति अनुसार योगदान देना चाहिए। 900 वर्ष से ज्यादा प्राचीन मंदिर का जीणोद्धार कर नवीन मंदिर की प्रतिष्ठा हमारे द्वारा कराई गई अनेकों प्रतिष्ठा में यह पहली बार होगी। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री भुवन सागर जी एवं मुनि श्री हितेंद्र सागर जी के प्रवचन हुए मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बचपन की अनेक यादें संस्करण को साझा कर बताया कि श्री भुवन सागर जी महाराज को वैराग्य का बीजारोपण प्रथम पट्टाचार्य श्री वीरसागर जी के दर्शन से हुआ। वह धरा पुण्यशाली होती है जहां साधु परमेष्ठी का जन्म होता है। सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र को धारण करने से मोक्ष मार्ग मिलता है। समाज अध्यक्ष,श्री बाबूलाल शाह श्रीमती सुनीता शाह एवं महेश मित्तल अनुसार आचार्य श्री संघ के प्रवचन के पूर्व श्री पारसनाथ भगवान एवं आचार्य शांति सागर जी तथा सभी पूर्वाचार्य के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन का सौभाग्य बाहर से आए अतिथियो एवं मंदिर समिति ने किया मंगलाचरण के महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत किया गया ।आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन और जिनवाणी भेट का सौभाग्य को प्राप्त हुआ। अल्प कुछ समय के आहार चर्या के बाद दोपहर को आचार्य श्री संघ का पीपल्दा हेतु 7 km मंगल विहार रात्रि विश्राम श्री हंसराज मीणा के मकान के पास हुआ।24 नवंबर को संघ की आहार चर्या यही होगी
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
