मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज के कर कमलों से होने जा रही दीक्षा के लिए तैयार होने जा रहा भव्य पांडाल जानकारी श्रीश जैन ललितपुर की कलम से 

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मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज के कर कमलों से होने जा रही दीक्षा के लिए तैयार होने जा रहा भव्य पांडाल जानकारी श्रीश जैन ललितपुर की कलम से

इस फोटो  में जो पांडाल लगातें मजदूर दिखाई दे रहें हैं वे कोई सामान्य पांडाल तैयार नही कर रहें हैं बल्कि वे एक ऐसे भव्यातिभव्य आयोजन में आने वाले अतिथियों के विराजने की व्यवस्था कर रहें हैं जो हजारों किलोमीटर दूर से केवल इसलिए आ रहें हैं कि जगत पूज्य के कर कमलों से होने वाली दीक्षाओं को अपनी आंखों से देखकर धन्य हो सकें ,,,,

 

 

दर्शनोदय कमेटी ने आने वाले अतिथियों के बैठने की व्यवस्था को सुगम बनानें के लिये क्षेत्र के सामने बनें मेला ग्राउंड में 135×400 फीट के पांडाल को लगाने की तैयारी शुरू की हैं मुझे लगता हैं कि यह 54000 वर्गफीट का पांडाल ही इस आयोजन की भव्यता का आंकलन करने के लिये पर्याप्त होगा ,,, कई ट्रक सब्जी व रशद सामग्री का भंडारण केवल आगतन्तुक अतिथियों के आतिथ्य हेतु किया जा चुका हैं क्योंकि दर्शनोदय कमेटी इस बात से भली भांति परिचित है कि वर्तमान के समन्तभद्र कहे जाने वाले जगत पूज्य पूरी दुनियां के ह्रदय सम्राट हैं इसलिए दूरदराज से भी हजारों लोग दीक्षा के इस अनुपम और अलौकिक द्र्श्य को देखने अवश्य आएंगे–

 

 

 

 

दर्शनोदय के चारो ओर 100 किलोमीटर तक के दायरे में जैन समाज की भरपूर बाहुलता हैं और इस बात की स्वीकृति कमेटी के पास निरन्तर पहुच ही रही हैं कि वे पूरी की पूरी समाज के साथ पहुच रहे हैं – ललितपुर सागर टीकमगढ़ भोपाल विदिशा मुंगावली चंदेरी आरोन कुरवाई बीना खुरई आदि से ढेरो बसें पहुचने की अग्रिम सूचना पहुच चुकी हैं वही कोटा बूंदी व्यावरा बिजोलिया आवा केकड़ी भिंडर अजमेर जयपुर आदि से भी बसों के आने की सूचनाएं हर पल प्राप्त हो रही हैं ,, व्यवस्थाओं को सुगम बनाने के लिये कमेटी कमर कस कर खड़ी हैं वे इस बात का पूरा प्रयास कर रहें है कि दीक्षाओं को देखने का मन बनाकर आने वाले प्रत्येक भक्त को सुविधा मुहैया करा सकें क्योंकि अतिथि देवो भवः


समूचे बुंदेलखंड में आचार्य गुरुश्रेष्ठ के बाद यदि किसी सन्त के पास जनता दीवानों की तरह पहुँचती हैं तो कहने में कोई संकोच नही कि आचार्य श्रेष्ठ के लाड़ले जिनके ऊपर गुरुश्रेष्ठ के दोनों हाथों का आशीर्वाद सदा बना रहता था वे जगत पूज्य ही हैं और गुरु की आज्ञा को सर्वोपरि मानते हुए यह उनके द्वारा पहली बार दीक्षा दी जा रही हैं इसलिए किसी भी विषय पर एक निश्चित सँख्या का अनुमान नही लगाया जा सकता किन्तु निश्चित हैं कि आयोजन भव्यातिभव्य और अलौकिक होगा जो पूर्व में न तो हुआ है आंगे कब होगा यह भगवान जानें

श्रीश ललितपुर प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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