*धर्मतीर्थ क्षेत्र की प्रथम दीक्षित आर्यिकाश्री तीर्थश्री माताजी की परम समाधि*
*धर्मतीर्थ क्षेत्र में HND उपसर्ग निवारक धर्मक्रांतिसूर्य, प्रज्ञायोगी दिगंबर जैनाचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव की शिष्या 93वर्षीय आर्यिकाश्री तीर्थश्री माताजी का णमोकार मंत्र का जाप ध्यान करते हुए नियम सल्लेखना सहित उत्तम –– मरण हुआ।
आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ने बताया कि आर्यिकाश्री तीर्थश्री माता जी का जन्म सन 1932में हुआ।आपका बचपन का नाम सुलोचना साहुजी था।विवाह के योग्य वय होने पर बाबूसा साहुजी से आपका मंगल परिणय हुआ।जब सन2016में आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव का चातुर्मास श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर राजाबाजार छत्रपति संभाजीनगर में हुआ तब से आप आचार्य श्री के संघ में प्रवेश कर धर्म साधना करने लगीं ।
इस वर्ष दशलक्षण के दस उपवास भी आपने किये।इसके पहले भी अनेक आचार्य संघों की संगति, सेवा भक्ति साधना की।85वेँ वर्ष में आपने अपना मकान स्वेच्छा से धर्मतीर्थ क्षेत्र को दान देकर।29-9-2017 को विजयादशमी के सिद्ध मुहूर्त में धर्मतीर्थ क्षेत्र में आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव से क्षुल्लिका दीक्षा ग्रहण की।2021में आपने12वर्ष की नियम सल्लेखना ग्रहण की।



आचार्य श्री ससंघ के साथ पिछले8वर्षों में श्रवणबेलगोला ,मुक्तागिरी,आदि अनेक महाराष्ट्र कर्नाटक के अनेक तीर्थों की यात्रा की।अब निरंतर जिनभक्ति, ज्ञान ध्यान जप तप में अपने मन को लगाया।7नवंबर2025को पक्षाघात होने पर आपने निर्यापकाचार्य श्री गुप्तिनंदी गुरुदेव से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की।माताजी की आत्मशक्ति और आचार्य श्री संघ की मंत्रशक्ति से आपका पक्षाघात तुरंत ठीक भी हो गया।लेकिन आपकी नियम सल्लेखना संथारा निरंतर समता पूर्वक चलता रहा।


17-11-2025 को11:30बजे अभिजीत मुहूर्त में क्षुल्लक श्री शान्तिगुप्तजी और क्षुल्लिका धन्यश्री माताजी से णमोकार मंत्र सुनते हुए योगासन में आपने उत्तम समाधि मरण करके अपने जीवन को सार्थक किया।
धर्मतीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर पाटनी ने बताया 19-11-2025को सुबह9:00बजे धर्मतीर्थ क्षेत्र में माताजी की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ।जिसमें सभी भक्त अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हुए
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312










