“यदि तुम्हारी जिंदगी में कोई तुमसे रूठ जाए तो उसे मनाने से मत चूकना” क्योंकि “मानने और मनाने में ही पूरी जिंदगी निकल जाती है”प्रमाण सागर महाराज

धर्म

“यदि तुम्हारी जिंदगी में कोई तुमसे रूठ जाए तो उसे मनाने से मत चूकना” क्योंकि “मानने और मनाने में ही पूरी जिंदगी निकल जाती है”प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
“भगवान कभी भी किसी से रूठते नहीं इसलिये उनको मनाने की कोई बात ही नहीं” लेकिन “यदि तुम्हारी जिंदगी में कोई तुमसे रूठ जाए तो उसे मनाने से मत चूकना” क्योंकि “मानने और मनाने में ही पूरी जिंदगी निकल जाती है”

 

उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने रैसकोर्स रोड़। पर मोहताभवन में प्रातःकालीन प्रवचन सभा में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि रूठना, मनाना, मनवाना और मानजाना यह चार प्रवृति हमारे अंदर होती है, मनवाने की प्रवृति अहंकार का प्रतीक है जब कि मान जाने की प्रवृत्ति प्रेम और वात्सल्य का प्रतीक है जो लोग मनवाने की प्रवृति में विश्वास रखते है वह सिर्फ अपनी अपनी तानते है वह अहंकार का प्रतीक है, उन्होंने कहा कि भगवान ने जो कहा है उसे सहज रुप से स्वीकार कर लेना ही मानना है,अनादि से बंधे हुये पापों को काटने की शक्ती तो हमारे पास है नहीं, लेकिन नये नये पाप करके अनंतकाल के लिये और पाप को क्यों बांध रहे हो, जिसने भगवान की शरण पा ली वही सनाथ है और “जो भगवान की भक्ती से वंचित रह गया वह तो अनाथ है” उन्होंने कहा कि पाप को काटने के लिये तुमने खूब भक्ती तो की लेकिन भक्ती भी कर रहे, साथ ही पाप के बींज भी बो रहे हो तो पाप नष्ट कैसे होंगे?

एक बार अंधेरे ने परमात्मा से शिकायत की सूरज मुझे बहूत परेशान करता है जैसे ही में आराम करती हुं कि सूरज आकर जगा देता है परमात्मा ने सूरज को बुलाया और पूंछा कि अंधेरे को क्यू परेशान करते हो तो सूरज ने कहा कि में अंधेरे को जानता तक नहीं और परेशानी की कोई बात हो तो में उससे माफी मांग लेता हूं कहते है कि सूरज के आते ही अंधेरा भाग जाता है।

 

मुनि श्री ने कहा कि पाप के बींज बोओगे तो दुःख की फसल तो आए गी ही आएगी “भक्तामर स्त्रोत्र” का स्तवन भी कर रहे हो वह भी यांत्रिक बन कर भगवान के पास तो सच्ची भक्ती का प्रभाव पड़ता है।

 

उपरोक्त जानकारी प्रवक्ता अविनाश जैन एवं मीडिया प्रभारी राहुल जैन स्पोटर्स ने देते हुये बताया मुनि श्री के सानिध्य में कोयला परिवार के आलोक जैन की मां श्रीमति विमला देवी की सल्लेखना समाधि चल रही है उनको मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने दस प्रतिमा देकर चैतन्य श्री नाम दिया है एवं सुबह शाम उनको संबोधन देने पहुंच रहे है। प्रतिदिन प्रातः8:30 से भक्तामर की कक्षा तथा तीन बजे से समयसार का स्वाध्याय एवं5:45 से शंकासमाधान कार्यक्रम चल रहे है।अध्यक्ष अशोक डोसी महोत्सव अध्यक्ष नवीन आनंद गोधा महामंत्री हर्ष जैन ने सभी से पधारने का अनुरोध किया है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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