विकास के लिए पेड़ न काटें, जरूरी हो तो पहले 1 लगाएं. काटने से पहले क्षमा मांगें: प्रज्ञासागर महाराज
कोटा| आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने चातुर्मास पूर्ण होने के बाद शहर के विभिन्न मंदिरोंमें भ्रमण करते हुए धर्मज्ञान की गंगा के। साथ पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया।
मंगलवार सुबह 7 बजेविज्ञाननगर दिगंबर जैन मंदिर सेतलवंडी दिगंबर जैन मंदिर के लिएविहार किया। इस दौरान ग्रीन आर्मी,जैन समाज की ओर से राजकीय वैद्य दाऊदयाल जोशी आयुर्वेद अस्पतालपरिसर में 108 पौधे लगाए। इस दौरान आचार्यश्री के प्रेरक वाक्य, सांसें हो रहीहैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम’ औरपेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ, जिंदगी कोसुंदर बनाओ’ जैसे संदेश लिखे पोस्टरलगे थे। आचार्य ने पर्यावरण की महत्तासमझाते हुए कहा कि इच्छा शक्ति होतो हर कोई शानदार प्रयास कर सकता है।
उन्होंने वायु भोजन और पानी में सबसे आवश्यक तत्व पर प्रकाशडालते हुए कहा कि भोजन, पानी कात्याग कर कई संत व तपस्वी जीवित रह जाते हैं, लेकिन क्या किसी ने वायु का त्याग किया है? धरती पर कोई ऐसाव्यक्ति नहीं है। इसलिए मैं कहता हूं, सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम आचार्यश्री का एक करोड़ पौधे लगवाने का लक्ष्य है। उन्होंने समाजजनों को 1,000 पौधे लगाने का लक्ष्य बनानेको कहा। साथ ही 20 लोगों ने संकल्पभी लिया। निर्माण कार्य के लिए पेड़ नकाटने की सलाह दी। काटना जरूरी होतो पहले 10 पेड़ लगाएं, काटने से पहले पेड़ से क्षमा मांगें।
विकास कार्यों की निविदाओं मेंपौधे लगाने की अनिवार्यता हो
आचार्य ने सरकार, निगम औरराजनीतिक पार्टियों को संबोधित करते हुए कहा कि ठेका देते समय नियमों में यह दर्ज होना चाहिए कि सड़क की दोनों तरफ दस-दस फीट दूरी पर अनिवार्य रूप से पेड़ लगाए जाएंगे।सड़क बनने में 2 साल लगते हैं, तब तक पेड़ भी काफी बड़े हो जाते हैं।पौधों को लगाना और उनका संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
मंदिर पहुंचने के बाद आचार्य ने नंदीश्वर महामंडल विधान में सान्निध्य प्रदान किया।सामूहिक पूजन का संचालन पं. अनिलडाबी, अभिषेक शास्त्री ने किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312









