विद्या समय की तीन धाराओं का राजस्थान की ओर आगमन💥आचार्यश्री विद्यासागर जी के द्वितीय शिष्य का मुनि दीक्षा के बाद प्रथम बार होगा संभावित राजस्थान प्रवेश
हम सब जानते है कि जैन जगत् के सर्वोच्च आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महामुनिराज की मुनिदीक्षा राजस्थान में हुई और प्रारंभिक चातुर्मास भी यही सम्पन्न हुए पर उसके बाद आचार्य संघ का राजस्थान की ओर गमन नहीं हो पाया कुछ उपसंघ समय-समय पर राजस्थान आते रहे,पर अब एकसाथ तीन बड़े संघ आचार्य समयसागर जी मुनिराज के आदेश पर राजस्थान की बढ़ सकते हैं, आचार्य श्री की कृपा अब राजस्थान पर बरसने लगी है वर्तमान में 4 बाल ब्रह्मचारी भी गृहत्याग कर राजस्थान
प्रान्त से आचार्य श्री के संघ,उपसंघों में शामिल हो चुके हैं।
ज्येष्ठ निर्यापक श्रमण योगसागर मुनिराज आचार्य विद्यासागर जी के द्वितीय शिष्य व उनके अनुज भ्राता निर्यापक मुनि योग सागर महाराज अभी गुना,मप्र में विराजमान हैं राजस्थान वासियों के पुण्य से संभावित है कि मुनिसंघ का मंगल विहार अतिशीघ्र छबड़ा,कोटा बूंदी, देवली, केकड़ी के रास्ते अजमेर की ओर होगा। मुनिश्री मुनि दीक्षा के बाद प्रथम बार 45 वर्षों में राजस्थान पधारेंगे। मुनिश्री के संघ में 5 मुनिराज 5 ऐलक व 2 क्षुल्लक जी है। 



मुनिश्री विनम्रसागर जी महाराज
अपने प्रवचनों के लिए विख्यात वरिष्ठ मुनिश्री विनम्रसागर जी महाराज अभी बागीदौरा (बांसवाड़ा) में विराजमान हैं, मुनिश्री को आचार्य प्रवर ने जयपुर की ओर विहार के संकेत दिए हैं,इस कड़ी में संभावित चित्तौड़गढ़,भीलवाड़ा, केकड़ी,फागी,टोंक होते हुए मुनिसंघ का आगमन राजधानी जयपुर की ओर हो सकता है। मुनिश्री के संघ में 3 मुनिराज व 1 क्षुल्लक जी है।
मुनिश्री निष्पक्षसागर महाराज
वर्तमान में भवानीमंडी,मप्र में मुनिसंघ विराजमान हैं,संघ की शीतकालीन वाचना संभावित रामगंजमंडी,कोटा में होने के आसार हैं आपके साथ 2 युगल मुनिराजों का संघ है।
इस तरह आचार्य विद्या समय सागर जी की 3 लहरें राजस्थान को अपनी ज्ञान देशना से लाभान्वित करेगी , तीन मुनिसंघो के आगमन की खबर से राजस्थान के कोटा, बूंदी, बिजौलिया भीलवाड़ा देवली नसीराबाद केकड़ी, ब्यावर जयपुर किशनगढ़ आदि नगरों में खुशी की लहर दौड़ गई ,लोग मुनिसंघ को अपने-अपने नगरों में बुलाने के लिए पहुंचने लगे हैं।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

