गुरु के बताए मार्ग पर चले तो अनन्त शक्तियां जाग्रत हो जाती हैं। आर्यिका विज्ञा श्री

धर्म

गुरु के बताए मार्ग पर चले तो अनन्त शक्तियां जाग्रत हो जाती हैं। आर्यिका विज्ञा श्री
निवाई
भारत गौरव आर्यिका विज्ञा श्री माताजी ने धर्म सभा में गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का दिन बड़ा महत्वशाली है।गुरु के प्रति समर्पण निष्ठा आस्था श्रद्धा का यह दिवस प्रेरणा देता है कि यदि गुरु के बताये मार्ग पर चल पड़े तो अपने ही भीतर मौजूद अनन्त शक्तियां जागृत हो जाएगी।उन्होंने कहा कि परमात्मा को कहीं भी ढूंढने की जरूरत नहीं है बल्कि पहले परमात्मा को पाने के लिए अपने भीतर की यात्रा शुरू करो।भगवान केवल कल्याण के प्रतिबिम्ब है जबकि गुरु उपकारी होता है।भगवान किसी को कुछ न देते है और न लेते हैं लेकिन गुरु अपने शिष्य को भगवान की राह बताता है उनसे मिलने की कला सिखाता है ओर भगवान की तरह मोक्ष पर जाने की सही मंजिल बताने में आज भी सक्षम है।गुरु की महिमा का कोई अंत नहीं है तभी तो भगवान से पहले गुरु को महान बताया गया है।


जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौला व राकेश संघी ने बताया कि गुरू पूर्णिमा महोत्सव पर प्रातः भगवान शांतिनाथ के शांतिधारा के साथ कलशाभिषेक किया गया।

तत्पश्चात आचार्य विराग सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप-प्रज्वलित एवं चित्र अनावरण हुआ। इसके बाद आर्यिका गुरु मां विज्ञा श्री माताजी का पादप्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किया। इसके बाद आचार्य विराग सागर जी महाराज व गुरु मां विज्ञा श्री माताजी की भक्ति संगीत के साथ सामूहिक पूजा की गईं। जिसमे विज्ञा श्री बालिका मण्डल शुभकामना महिला मण्डल सहित सभी श्रद्धालुओ ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर गणाचार्य विराग सागर महाराज एवं आर्यिका विज्ञा श्री माताजी की पूजा अर्चना की गई। मीडिया प्रभारी विमल जौला व राकेश संघी ने बताया कि बुधवार को चातुर्मास स्थापना के लिए महावीर प्रसाद ओमप्रकाश जैन द्वारा ध्वजारोहण किया गया।इस अवसर पर जयपुर चाकसु किशनगढ अजमेर करेडा फुलेरा टोंक मालपुरा नैनवां सहित अनेक गणमान्य लोगो ने हिस्सा लिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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