सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी में श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर चढ़ाया निर्वाण लड्डू गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सान्निध्य में*
गुंसी
श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी जिला टोंक राजस्थान में ससंघ विराजित गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के सान्निध्य में श्रेयांसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक महोत्सव के अवसर पर निर्वाण लड्डू चढाया गया । निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य पदमचंद जी राजेश जी झिलाय वाले निवाई सपरिवार ने प्राप्त किया ।
प्रभु श्री शांतिनाथ के देवकृत अभिषेक के पश्चात प्रथम अभिषेक व शांतिधारा करने का अवसर क्रमश राजेन्द्र जी मंगल विहार जयपुर व ताराचन्द जी रामनगर वाले निवाई ने प्राप्त किया ।
पूज्य माताजी के मुखारविंद से अभिषेक शांतिधारा के पश्चात अकम्पनाचार्य आदि 700 मुनियों की पूजन भक्तों ने की । तत्पश्चात निर्वाण लड्डू चढाया गया ।
पूज्य माताजी ने सभी को धर्मोपदेश देते हुए कहा कि – रक्षाबंधन 700 मुनियों के उपसर्ग का निवारण का उनकी रक्षा का दिन है । आज के दिन हस्तिनापुर में 700 मुनियों का उपसर्ग दूर हुआ था । यह प्रेम वात्सल्य का पर्व है । पर वर्तमान में इस पर्व को पैसों आदि व्यापार का पर्व समझा जा रहा है । मैं केवल जैन समाज को नहीं अपितु देश के हर नागरिक से कहना चाहती हूं कि आज इस रक्षाबंधन के दिन सभी भाई यह नियम ले कि सभी को अपनी बहन , माँ , भाभी का दर्जा दूँगा उनको गलत दृष्टि से नहीं देखूंगा । ओर कही इस प्रकार का दृश्य देखेंगे तो उनकी रक्षा करेंगे । तो आज दुनिया में जितने गुनाह हो रहे हैं । वह स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे ।
उपस्थित सभी गुरु भक्तों ने पूज्य माताजी ससंघ की आहारचर्या करवाने का सौभाग्य प्राप्त किया । साथ ही शांतिलाल जी नन्दपुरी व सुनीता जी बड़ागांव ने रक्षाबंधन पर्व पर पूज्य माताजी ससंघ को आहारदान देने का अवसर प्राप्त किया ।
