ऊर्जा का सदुपयोग जरूरी है आदित्य सागर महाराज
कोटा
रिद्धि सिद्धि नगर में मंगल प्रवचन देते हुए श्रुत संवेगी मुनिश्री 108 आदित्य सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि मानव को शब्दों की गूंज से बचना चाहिए। आत्मा अनंत ऊर्जा का स्रोत है। ऊर्जा का सदुपयोग जरूरी है वरना यह अनुपयोगी या दुरुपयोग में बदल जाती है।
महाराज श्री ने कहा कि परीक्षा में आप तीन-चार पेन ले जाते हैं, क्योंकि लिखने की धारा प्रभाव में पेन की खराबी बाधा ना बने। इस प्रकार आत्मा के आध्यात्मिक धारा प्रभाव में बाहर के शब्दों की गूंज, मन वह चित्त में बाधा बनते हैं।




मनुष्य बोलना तो सीख जाता है, परंतु क्या, कहां बोलना है यह मरने वक्त तक नहीं समझ पाता। शब्दों का उपयोग व शब्दों के प्रभाव को समझे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
