20वीं सदी के प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी वर्ष के समापन पर विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत

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20वीं सदी के प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी वर्ष के समापन पर विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत

बूंदी, 3 अक्टूबर। जैन समाज के 20वीं सदी के चारित्र चक्रवर्ती प्रथमाचार्य 108 शांतिसागर महामुनिराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन समापन समारोह के अवसर पर बघेरवाल छात्रावास के शांतिसागर सभा मंडपम् में शुक्रवार को दीप प्रज्वलन व आचार्य शांतिसागर महामुनिराज के चित्र अनावरण के साथ विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

 

 

 

चातुर्मास व्यवस्था समिति के मंत्री दिनेश बोरखण्डिया ने बताया कि प्रथमाचार्य शांतिसागर महाराज का चित्र अनावरण हिण्डोली व पेंच की बावड़ी से आए समाज बंधुओं ने किया। पाद प्रक्षालन बिजौलिया से आए समाजबंधुओं ने किया। शास्त्र दान अजेता, गेण्डोली, सांवतगढ़, दबलाना से आए भक्तजनो ने किया।

 

 

चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष पदम बरमुण्डा व संयोजक कमल कोटिया ने बताया कि आचार्यश्री का गृहस्थ जीवन परिवार एवं वंश परम्परा पर पवन जैन सोनी ने व आचार्यश्री का वृत्तिजीवन (क्षुल्लक, एलक, मुनि दीक्षा) पर श्रीमती सीमा-कमलेश कोटिया तथा आचार्यश्री के द्वारा प्रदत्त मुनि आर्यिका, एलक, क्षुल्लक-क्षुल्लिका दीक्षा पर सुश्री आकांक्षा जैन ने परिचर्चा पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

 

चातुर्मास व्यवस्था समिति के कोषाध्यक्ष जम्बू जैन ने बताया कि इस अवसर पर मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने प्रथमाचार्य शांतिसागर महाराज के जीवन पर प्रवचन देते हुए कहा कि दक्षिण भारत आचार्यों की भूमि से पवित्र हुआ। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की भूमि ऐसी उर्वरा भूमि है जहां से आचार्य कुंद कुंद स्वामी से लेकर आचार्य शांति सागर महाराज व आचार्य विद्यासागर महाराज सहित कई मुनिराज उत्पन्न हुए। शांतिसागर महाराज की विशेषता बताते हुए मुनि सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि वे अपने भुजबल व ताकतवर थे कि उन्होंने अपने कंधे पर बिठाकर एक वृद्ध महिला को सम्मेद शिखर की वंदना कराई तथा एक वृद्ध पुरुष को अपने कंधे पर बिठाकर राजगृही क्षेत्र के पांचों पहाड़ों की वंदना कराई।

 

 

 

 

 

मुनि सेवा व्यवस्था समिति के विकास सबदरा, चिराग जैन अजेता ने बताया कि देवपुरा की सम्यक महिला मंडल ने मंगलाचरण किया तथा शहर की विभिन्न काॅलोनियों से आए महिला मंडलों ने संगीतमय तरीके से प्रथमाचार्य शांतिसागर महाराज के अर्ध चढ़ाकर पूजन किया। कार्यक्रम का संचालन कोटा से आई प्रमिला जैन ने किया। संगीतकार आयुष जैन ने संगीतमय तरीके से पूजन कराकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

रविन्द्र काला बूंदी से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

 

 

 

 

 

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