एक साथ 6 दीक्षार्थियों की निकली भव्य वैराग्य यात्रा एवं गोद भराई का हुआ महा आयोजन –
देवली विवेकानंद कॉलोनी स्थित पार्श्वनाथ धर्मशाला में चल रहे स्मृति परिवर्तन वर्षायोग 2025 के तहत परम पूज्य श्रमण मुनि श्री प्रणीत सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री 105 विधेय सागर जी महाराज के सानिध्य में 6 दीक्षार्थियों की भव्य वैराग्य यात्रा एवं गोद भराई का समारोह आयोजित हुआ!
मीडिया प्रभारी विकास जैन टोरडी ने बताया की मध्यान 4:00 बजे दीक्षार्थियों की गोद भराई एवं सभा का आयोजन पार्श्वनाथ धर्मशाला में किया गया जयपुर चित्रकूट कॉलोनी सांगानेर में 3नवंबर 2025 को आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज के करकमलों से 6 दीक्षार्थियों की भव्य जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न होगी जिसमें बाल ब्रह्मचारी विकास भैया (एटा,उत्तरप्रदेश) बाल ब्रह्मचारी उमंग भैया(सागवाड़ा) ब्रह्मचारी पंकज भैया(सागवाड़ा) ब्रह्मचारी प्रकाश भैया, ब्रह्मचारी किरण दीदी औरंगाबाद, ब्रह्मचारी मंजू दीदी बघेरा सम्मिलित हैं!
इन सभी की मुनि श्री के सान्निध्य में वैराग्य सभा एवं सामूहिक गोद भराई का आयोजन चातुर्मास कमेटी द्वारा आयोजित हुआ ! आयोजन में दीक्षार्थियों ने अपने अपने वैराग्य भाव प्रकट किए जिसमें विकास भैया ने कहा की पंचमकाल में हमें भोग सामग्री तो सुगमता से उपलब्ध हो जाती हे लेकिन वितरागता का पथ, आत्म कल्याण के साथ अनंत जीवात्माओं के कल्याण का मार्ग सिर्फ जिनेन्द्र दर्शन में ही मिल सकता है,दृढ़ श्रद्धान एवं गुरु के प्रति अपने सच्चे श्रद्धा एवं उनके आशीर्वाद से ही शिष्य इस मार्ग पर सरलता से चल सकते हैं गुरु ही हमें आत्मा से परमात्मा बना सकते हैं इसी के साथ उमंग भैया ने अपने कथनांक में एक दृष्टांत से बताया की जो आनंद, सुख, परिवर्तन, प्रसन्नता हमारे भीतर में है उसे हम बाहर की दुनियां में तलासने के प्रयास में लगे हुए हैं, संसार में सुख तलासने के बजाय स्वयं में सुख तलासने की बात कही एवं बताया की वैराग्य का कारण तो सिर्फ निमित मात्र होता है कब कौनसा क्षण, कौनसा दृश्य, कौनसा वक्तव्य हमारे वैराग्य का कारण बन जाए कुछ पता नहीं चलता इसी तरह अन्य दीक्षार्थियों ने भी सभा में अपने अमृत वचन एवं वैराग्य भावों को प्रकट किया! इसके उपरांत सभी दीक्षार्थियों को मुनि श्री ने अपने आशीर्वचन प्रदान किए एवं उनकी यह मोक्ष मार्ग की यात्रा निर्विघ्न, निर्विकल्प संपन्न हो इसके लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान किया! दीक्षार्थियों की भव्य वैराग्य यात्रा शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर विवेकानंद कॉलोनी से होते हुए नगर पालिका के बाहर से महावीर मंदिर, चंद्रप्रभु जिनालय पहुंची जहां पर वैराग्य यात्रा का समापन हुआ! सभी मंदिरों में एवं पार्श्वनाथ धर्मशाला में दीक्षार्थियों सामूहिक की गोद भराई का आयोजन हुआ !इस आयोजन में सकल जैन समाज के सभी श्रावकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं दीक्षार्थियों की अनुमोदना की!
इसी के साथ रविवारीय विशेष ने मुनि श्री प्रणीत सागर जी महाराज ससंघ ने प्रातः काल 6:30 बजे से शहर के सभी जिनालयों की वंदना की जिसमे श्रुतशाला के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे एवं सभी जिनालयों में 108 विशेष मंत्रो की जाप की गई!
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

