रिषान लोहाडे़ जैन ने मात्र 7 वर्ष की उम्र में किया उपवास और बने सबके लिए प्रेरणा 

धर्म

रिषान लोहाडे़ जैन ने मात्र 7 वर्ष की उम्र में किया उपवास और बने सबके लिए प्रेरणा

हैदराबाद 

 

यूं तो भगवान की भक्ति की कोई उम्र नहीं होती लेकिन फिर भी एक उम्र विशेष के बाद ही लोग यथाशक्ति व्रत – उपवास रखते हैं लेकिन हैदराबाद के रिषान लोहाडे़ जैन ने मात्र 7 वर्ष की उम्र में उपवास रखकर बड़ों को भी आश्चर्य से भर दिया है और हर कोई रिषान के इन भावों की अनुमोदना कर रहा है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह उपवास रिषान ने हाल ही में हुए दस लक्षण पर्व के दौरान अनंत चतुर्दशी के दिन किया और संयम जीवन की राह पर एक कदम बढ़ाया है। दूसरी कक्षा में अध्ययनरत रिषान का धर्म के प्रति यह झुकाव अनायास नहीं है। बहुत ही धार्मिक माहौल में पैदा हुए रिषान के मम्मी, पापा भी बहुत धार्मिक हैं और जिनेन्द्र प्रभू के अनन्य भक्त हैं।

 

और रिषान ने अपने मम्मी -पापा को देखकर ही उपवास करने की प्रेरणा ली 

रिषान की मम्मी होम्योपैथी डॉक्टर नम्रता लोहाडे कहती हैं कि मैंने भी पहला उपवास मात्र सात वर्ष की उम्र में ही किया था। इसलिए मैंने भी रिषान को उपवास रखने की इच्छा व्यक्त करने पर उसे रोका नहीं, बल्कि आत्मकल्याण के लिए उसके इस कार्य की सराहना की।

यह सिर्फ एक उदाहरण नहीं है बल्कि रिषान एक प्रेरणा बन गये हैं उन माता पिताओं के लिए जो अपने छोटे बच्चों को खेलने – कूदने की उम्र में व्रत- उपवास करने से रोकते हैं और भगवान की भक्ति को एक निश्चित उम्र के बाद ही जरुरी मानते हैं।

 

स्वाती जैन हैदराबाद 7013153327 से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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