संयम ही मानव जीवन का अर्थ : प्रणामसागरबड़ी संख्या में भक्त हुए शामिल

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संयम ही मानव जीवन का अर्थ : प्रणामसागरबड़ी संख्या में भक्त हुए शामिल

छत्रपति संभाजीनगर, (सं.) डॉ. प्रणामसागर महाराज ने हजारों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज सुगंध दशमी है. संयम ही मानव जीवन का अर्थ है. अपनी आवश्यकताओं को सीमित करना, उन्हें सीमित करना, यह जानना कि कहां रुकना है, संयम है. संयम, नैतिकता और चरित्र के बिना व्यक्ति पशु के समान है. चरित्रहीन व्यक्ति को सही और गलत का ज्ञान नहीं होता. व्यक्ति बहुत कुछ सीखता है लेकिन वास्तविक क्या है, यह जानने पर ध्यान केंद्रित नहीं करता. असंयमित व्यक्ति को केवल अज्ञानी व अशिक्षित ही कहा जा सकता है. संयम एक ऐसा मुकुट है जो दुनिया में कभी किसी के सामने नहीं झुकता, इसका हर जगह सम्मान होता है. श्री खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत पार्श्वनाथ मंदिर राजाबाजार में आचार्य डॉ. प्रणामसागर महाराज के भक्त चातुर्मास में उत्साहपूर्वक शामिल हुए. उनकी उपस्थिति में आज सुगंध दशमी व उत्तम संयम के दिन सुबह भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया.

 

 

 

सराफा जैन मंदिर तक निकाली शोभायात्रा

इस अवसर पर शैलेन्द्र सेठी को सौधर्म इन्द्र इन्द्राणी होने का सम्मान प्राप्त हुआ. इसी प्रकार सुगंध दशमी पर शांतिधारा का सम्मान रमनलाल सचिन दर्शन कासलीवाल परिवार को दिया गया. भगवान को धूप और पुष्प चादर अर्पित करने का सम्मान अभिषेक कुमार शैलजा तिलोकचंद चूड़ीवाल परिवार को दिया गया. तो हीराकाका प्रांगण में धूप अर्पित करने का सौभाग्य महावीर कुमार मिश्री लाल स्वदेश ठोले को मिला. डॉ. प्रणाम सागर महाराज के सानिध्य में हीराकाका प्रांगण से राजा बाजार जैन मंदिर, भाजी बाजार जैन मंदिर, सवाईवाला जैन मंदिर, सराफा जैन मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई. भगवान को धूप अर्पित की गई. इस अवसर पर पुरुष और महिलाएं सफेद और नारंगी रंग की साड़ियां और भक्तांबर प्रभावन टोपी पहनकर ध्यान आकर्षित कर रहे थे. नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद

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