तीर्थंकर बालक आदिकुमार के जन्म की बधाईयां हुईं पंचकल्याणक महोत्सव में, अयोध्या नगरी में छाई खुशियां
श्रद्धालुओं ने बालक आदिकुमार का प्रथम जन्माभिषेक किया
भोपाल /

पाषाण से भगवान बनने के महामहोत्सव पंचकल्याणक में जन्म कल्याणक के दिन प्रातः बालक आदिकुमार के जन्म की खुशियां मनाई गई, अयोध्या नगरी में झूम झूम कर इन्द्र, इन्द्राणियों ने जन्म की बधाईयां दीं।

पंच कल्याणक महोत्सव के मंच से सौधर्म इन्द्र और शचि इन्द्राणी संवाद जिसमें बालक आदिकुमार के प्रथम दर्शन का आलौकिक मंचन किया गया। तत्पश्चात पाण्डुक शिला पर विराजमान कर बालक आदिकुमार का प्रथम अभिषेक किया गया। पंच कल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल जैन ने बताया कि सौधर्म इन्द्र द्वारा अलग-अलग रूप बनाकर प्रभु के पूर्व भवों का वर्णन किया गया। बालक आदिकुमार पालना झुलाने की क्रियाएं और बाल्य क्रीड़ा के मनोहारी दृश्यों का प्रस्तुतिकरण हुआ।
मनुष्य जन्म से नही कर्म से महान बनता है उत्तम साग़र महाराज
आशीषवचन में मुनिश्री उत्तम सागर महाराज ने कहा मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है। जो जन्म मरण से मुक्त हो जाते हैं उनके ही पंच कल्याणक मनाते हैं। मुनिश्री ने कहा कि महापुरूषों को तो सभी याद रखते हैं पर भगवान महावीर और भगवान राम या आचार्य विद्यासागर महाराज को जन्म देने वाले पूज्यनीय है। जन्म कल्याणक मनाना तभी सार्थक होगा जब हम अपने जन्म को सार्थक बनाये। महोत्सव समिति के मीडिया प्रभारी अंशुल जैन ने बताया कि पंच कल्याणक महोत्सव का समापन 24 अप्रैल को श्रीजी की भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। 21 अप्रैल को तप कल्याणक की क्रियाएं होंगी। महाराजा नाभिराय का दरबार युवराज आदिनाथ का विवाह राज्याभिषेक, भेंट समर्पण और 32 हजार मुकुटबद्ध राजाओं द्वारा राज्य संचालन, नीलांजला नृत्य के बाद वैराग्य, भरत बाहुबलि का राज्य सौंपना आदि क्रियाओं का विशेष मंचन होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
