जन्म से नहीं कर्म से जैन पारस साहू ने लिया आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का आशीर्वाद
कोटा जैन संतो की महिमा अपरंपार है उनकी साधना संयम को देख हर कोई चकित हो जाता है की पंचम युग में भी ऐसे उत्कृष्ट साधक मौजूद है।
उनकी साधना से प्रभावित होकर जैन ही नहीं अपितु जैनेतर बंधु उनका आशीर्वाद लेने आते हैं वे जन्म से जैन नहीं होते लेकिन अपने कर्मों से जैन होते हैं ऐसे ही व्यक्तित्व है श्री पारस साहू जो देवली निवासी हैं लेकिन हम तो इनके कर्मों को देख यह कहेंगे कि उनके आगे पारस जैन साहू लगना चाहिए।

जहा भी तपोभूमि प्रणेता पर्यावरण संरक्षक आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर महाराज मौजूद होते हैं वह गुरुदेव का आशीर्वाद लेने जरूर जाते हैं और जैन नियमों का पालन करते हैं ऐसे परम मुनि भक्त श्री साहु ने चंबल नदी के तट पर बसे कोटा नगर में महावीर नगर में प्रज्ञा लोक में विराजित आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का आशीर्वाद लिया।

श्री साहू का कहना है कि हमने स्वर्ग नहीं देखा है लेकिन आचार्य का आशीर्वाद लेकर मुझे धरती पर स्वर्ग का अनुभव होता है। 
गुरुदेव के आशीर्वाद उनका पुत्र आज डॉक्टर है
आपको बता दे गुरुदेव की महिमा बहुत ही अद्भुत है जिससे आप सभी को अवगत होना चाहिए आचार्य श्री ने ने 8 साल पहले कोटा में पारस साहू मोंटी पुत्र देवकीनंदन साहू को डॉक्टर बनने आशीर्वाद दिया था जो फलीभूत हुआ।


आचार्य श्री ने देवकीनंदन को एमबीबीएस के बाद पीजी करने का आशीर्वाद दिया था जो भी फलीभूत हो गया। लेकिन फिर भी अच्छा कॉलेज शिक्षा अध्ययन हेतु मिले इसलिए वह पुनः परीक्षा देना चाहते हैं। 
क्या खूब लिखा है गुरु की महिमा वर्णी न जाए गुरु नाम जपो मन वचन काय साहू महाराज श्री के सानिध्य में होने वाले पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम मंदिर जीणोद्धार हर चातुर्मास में 4 , 5 बार जाते है एवम जहां भी महाराज चातुर्मास करते हैं हर चातुर्मास में जाते हैं वे महाराज श्री के दर्शन हेतु भरूच पुष्पगिरी उज्जैन तपोभूमि छोटा गिरनार चाकसू जयपुर कोटा श्रवणबेलगोला बाहुबली भी गए है इतना ही नहीं नगर में आने वाले जैन संतों के साथ पैदल विहार भी करते हैं।धन्य है गुरु की महिमा
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

