धर्म हमें प्रेरणा देता है की संसार को पसंद मत करो मोक्ष को पसंद करो आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज आचार्य श्री को कटारिया परिवार रामगंजमंडी ने कमंडल भेंट किया 

धर्म

धर्म हमें प्रेरणा देता है की संसार को पसंद मत करो मोक्ष को पसंद करो आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज आचार्य श्री को कटारिया परिवार रामगंजमंडी ने कमंडल भेंट किया 

   रामगंजमंडी 

परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में 10 लक्षण पर्व का चौथा दिन उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया गया। प्रतिदिन की भांति प्रातः 5:00 बजे आचार्य श्री ने ध्यान कराया ध्यान उपरांत नगर के प्रमुख मंदिरों में पूजन अभिषेक एवं शांति धारा की गई मुख्य पंडाल में भी श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। इसके उपरांत नित्य नियम पूजन की गई एवं मुख्य तीन मंडलों पर आचार्य श्री के सानिध्य में तत्वार्थ सूत्र के अर्ध समर्पित किए गए। इन अनुपम क्षणों में भक्ति भाव से ओतप्रोत होते हुए श्रीमती प्रेमलता, महेश, नमिता, दर्पक,हार्दिक कटारिया परिवार रामगंजमंडी ने आचार्य श्री के कर कमलों में कमंडल भेंट किया इस अवसर पर समस्त कटारिया परिवार मौजूद रहा। 

आचार्य श्री को कमंडल भेंट करने जाते हुए कटारिया परिवार रामगंजमंडी
उत्तम शौच धर्म के दिन उपस्थित भक्त समूह एवम पुण्यशाली परिवार मंडल पर अरघ समर्पित करते हुए
कमंडल भेंट करने के उपरांत आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कटारिया परिवार रामगंजमंडी

         आचार्य श्री ने उत्तम शौच धर्म पर प्रकाश डाला आचार्य श्री ने कहा धर्म हमें प्रेरणा देता है कि संसार को पसंद मत करो मोक्ष को पसंद करो लेकिन हमें संसार पसंद आता है। जब तक संसार में दृष्टि रहेगी हाथ में कुछ भी नहीं लगने वाला है। हमे मोक्ष को पसंद करना चाहिए। संपूर्ण सुखी अनुभूति मोक्ष में है। और संपूर्ण दुखो की अनुभूति संसार में है। हमें पतन की ओर जाना है की उत्थान की ओर जाना है यह निर्णय हमें स्वयं करना होगा।

 

 

चमत्कार साधना में होता है 

  आचार्य श्री ने कहा किसी वस्तु में चमत्कार नहीं होता है चमत्कार हमारी साधना में होता है। चमत्कार धन में नहीं पुण्य में होता है। लोगों के यहां धन के ढेर लगे होते हैं और वह एक अन्न का दाना भी नहीं खा पाते हैं।चमत्कार धन में नहीं होता है आप जोड़े चले जा रहे हैं आप जोड़े चले जा रहे हैं चमत्कार आपकी आत्मा में है जो पुण्य हासिल करती है जो उसे पुण्य के उदय में आकर भोग कर पाती है। लोगों ने मान रखा है कि धन में ही लाभ होता है। इसीलिए लोग धन के पीछे भाग रहे हैं।

       

लोभ पाप का बाप है 

  आचार्य श्री ने लोभ को पाप का बाप बताते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि खुद भी प्रेक्टिकल करके देखो जब भी आपको लोभ आएगा कोई ना कोई पाप आपसे जरूर होगा। लोभ आपको धन का आएगा। जो भी लोभ आयेगा आपसे सिर्फ पाप कराएंगे और कुछ नहीं कराएगे।

         उत्तम शौच का अर्थ होता है पवित्रता आत्मा की गंदगी को निकालना

 आचार्य श्री ने उत्तम शौच धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका अर्थ है पवित्रता आत्मा की गंदगी को निकालना गुरुदेव ने इसके विषय में बताते हुए कहा कि घर में इतनी सी धूल आपके मन को खटकती है और आप प्रयास करते हैं कि यह शीघ्र निकल जाए। हर उपाय करते हो और आत्मा में घर की धूल को साफ करने के लिए बनाने वाले ने इतनी चीजे बना दी कि घर में एक धूल का कण न मिले लेकिन आत्मा में लगी धूल इसको साफ करने के लिए अनादि से उपाय है उत्तम शौच धर्म धारण कर लो आत्मा की गंदगी धीरे-धीरे बाहर आ जाएगी। और एक दिन आत्मा साफ सुथरी मिलेगी। जो गंदा होता है वह कभी गंदा नहीं होता फिर भी अगर गंदा हुआ है तो हम उसे साफ कर सकते हैं। अगर साफ करने के उपाय में आ जाएं तो हम उसे साफ करके ही छोड़ेंगे। इसका सबसे सरल उपाय है निर्लोभता l

       निर्लोभता को समझाया 

आचार्य श्री ने निर्लोभता को समझाया लाभ लो लेकिन लोभ मत करो। लाभ जितना हो उतना ग्रहण करो आसक्ति मत बढ़ाओ संग्रह मत करो उसके कारण लड़ो मत किसी को मारो पिटो नहीं। किसी को दुख और परेशान मत करो। लाभ तो लेना क्योंकि लाभ आपका पुण्य है लेकिन लोभ नहीं होना चाहिए। क्योंकि जहां लोभ आ जाता है वहा आत्मा अपवित्र हो जाती है। उन्होंने कहा लोभ बहुत अच्छी चीज नहीं है। उन्होंने कहा जब पुण्य का उदय होगा तो धन के लिए प्रार्थना करने की जरूरत ही नहीं होगी अपने आप आएगा, फिर थोड़ा सा परिश्रम करना होगा अपने आप धन आ जाएगा। उन्होंने कहा आपको बात माननी ही होगी आप ही कहेंगे कुछ नहीं चाहिए बस सुख चैन चाहिए। उन्होंने कहा अनासक्त भाव से निर्लोभता आती है। आत्मा पवित्र होती है और उत्तम शौच धर्म आत्मा में बसता है। हमें यह प्रयास करना चाहिए उत्तम शौच धर्म हमारे आत्मा में समाहित हो जाए। हमारी आत्मा में प्रवेश कर जाए ताकि हमारी आत्मा पवित्र हो जाए। 

   अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *