दशलक्षण पर्व: ‘टोटल’ लाइफस्टाइल चेंज का प्लान!

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दशलक्षण पर्व: ‘टोटल’ लाइफस्टाइल चेंज का प्लान!

दोस्तों, दशलक्षण पर्व सिर्फ उपवास और पूजा नहीं है, बल्कि अपनी ज़िंदगी को ‘नेक्स्ट लेवल’ पर ले जाने वाला दस दिनों का एक खास ‘प्लान’ है। हर दिन एक खास ‘क्वालिटी’ के लिए होता है।

 

 

पहला दिन: ‘कूल’ बनने का दिन!
इस दिन ‘उत्तम क्षमा’ का पालन करना है। मतलब क्या? दिल में किसी के लिए भी गुस्सा या नफ़रत नहीं रखनी। ‘चिल’ रहना है! किसी से झगड़ा हुआ हो तो ‘सॉरी’ कहकर वहीं मामला खत्म करना है।

   

दूसरा दिन: ‘ईगो’ को ‘बाय-बाय’ कहने का दिन!
आज ‘उत्तम मार्दव’ यानी नम्रता सीखनी है। खुद को ‘शहंशाह’ नहीं समझना। सबके साथ आदर और विनम्रता से पेश आना है। ‘ईगो’ को डस्टबिन में फेंक देना है।

     

तीसरा दिन: ‘दिल का साफ’ बनने का दिन!
‘उत्तम आर्जव’ यानी ईमानदारी। मन में एक और ज़ुबान पर दूसरा ऐसा नहीं होना चाहिए। अंदर और बाहर से एक जैसा रहना है। ‘जो है वही है’ ऐसा बर्ताव करना है।

     

चौथा दिन: ‘पवित्र’ बनने का दिन!
‘उत्तम शौच’ यानी शुद्धता। सिर्फ शरीर नहीं, मन भी साफ रखना है। बुरे विचार, लालच, मोह से दूर रहना है। जैसे ‘कचरा’ बाहर फेंकते हैं, वैसे ही बुरे विचारों को भी फेंक देना है।

पाँचवा दिन: ‘सत्य’ बोलने का दिन!
‘उत्तम सत्य’ यानी सच बोलना। लेकिन सिर्फ सच ही नहीं, ऐसा सच बोलना जिससे किसी को दुख न हो। सोच-समझकर बोलना है।

छठा दिन: ‘कंट्रोल’ का दिन!
‘उत्तम संयम’ यानी खुद पर नियंत्रण रखना। आँख, कान, जीभ जैसी इंद्रियों को ‘ब्रेक’ लगाना। बेवजह कुछ भी देखना, सुनना या खाना टालना है।

सातवाँ दिन: ‘स्ट्रॉन्ग’ बनने का दिन!
‘उत्तम तप’ यानी तपस्या। उपवास आदि तो करना ही है, लेकिन साथ ही मन को भी मज़बूत बनाना है। ‘कम्फर्ट ज़ोन’ से बाहर निकलना है।

आठवाँ दिन: ‘दिल खोलकर’ दान करने का दिन!
‘उत्तम त्याग’ यानी त्याग। जो चीज़ें हमें ज़रूरी नहीं हैं, वो दूसरों को देनी हैं। चाहे धन हो या ज्ञान, बाँटना है।

नौवाँ दिन: ‘बिंदास’ बनने का दिन!
‘उत्तम आकिंचन्य’ यानी किसी भी चीज़ का मोह न रखना। ‘मेरा-मेरा’ करते नहीं बैठना। चीज़ें आएँगी और जाएँगी, लेकिन हमें ‘बिंदास’ रहना है।

दसवाँ दिन: ‘ब्रह्मचारी’ बनने का दिन!
‘उत्तम ब्रह्मचर्य’ यानी सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक पवित्रता भी। बुरे विचारों और वासनाओं से दूर रहना है।

ये दस दिन मतलब अपनी ज़िंदगी को फिर से ‘रीसेट’ करने का मौका है। तो आइए, इन गुणों को अपनी ज़िंदगी में उतारकर जीवन को आनंदमय बनाएँ!

         संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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