डॉक्टर कल्याण गंगवाल आजीवन जिनधर्म प्रभावक उपाधि से सम्मानित
मुंबई
रविवार की बेला में मुंबई के मुकेश पटेल ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय दिगंबर जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष श्रीमान निर्मल सेठी की पुण्यतिथि को जैन धरोहर दिवस के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर शाकाहार के प्रचार प्रसार जीव दया अहिंसा शाकाहार के अंतर्राष्ट्रीय प्रचारक डॉक्टर कल्याण गंगवाल उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चंद्रकला गंगवाल को आजीवनजिनधर्म प्रभावक उपाधि से सम्मानित किया गया।
श्री गंगवाल के विषय में जाने तो
गंगवाल को 125 से ज्यादा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इसी के साथ अखिल भारतीय दिगंबर जैन महासभा ने 1995 में उन्हें शांति सागर शाकाहार पुरस्कार देकर सम्मानित किया था।



डॉक्टर गंगवाल के योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने महासभा के लिए भी एवं तीर्थ संरक्षण के लिए भी कई अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्हें अनेक संतों की आशीष भी प्राप्त है। हर्ष की बात यह है कि विगत वर्ष महाराष्ट्र सरकार ने उनके नाम का प्रस्ताव भारत सरकार को पद्मश्री के लिए प्रस्तावित करके भेजा था निश्चित रूप से यह गौरव की बात है।
आज के दौर में जहां हिंसा चरम पर है मांसाहार के प्रचलन को रोकने के लिए एवं शाकाहार के प्रचार प्रसार में उन्होंने अपनी जान की भी परवाह नहीं की। इसके साथ ही मकर संक्रांति पर अनेकों पशु पक्षी मांझे में उलझ जाते हैं।उनके द्वारा उन पशुओं को रेस्क्यू कर उपचार किया जाता है।81वर्षीय डॉक्टर गंगवाल होने के बावजूद अपनी सक्रियता में पीछे नहीं है। पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने भी उनके कार्यों की सराहना की थी और कहा था कि उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता इनकी जितनी उम्र नहीं हुई उससे ज्यादा इन्हें पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। गंगवाल को पुरस्कार मिलने पर सभी ने हर्ष जताया इसके साथ ही रामगंजमंडी से अभिषेक जैन लुहाड़िया ने उन्हें दूरभाष के माध्यम से एवं व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें बधाई प्रेषित की।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
