शिष्य बढ़ चले गुरु चरणों की और

धर्म

शिष्यबढ़ चले गुरु चरणों की और
कोहरा भीषण सर्दी चारो और
नही रुक रहा यह सन्तो का ठोर
हुई भोर बस कदम बढ़ा दिये पदविहार की और
बस लक्ष्य गुरु चरणों की और
चारो और चर्चाओं का शोर
पँचऋषिराज आ रहे गुरु चरणो की औऱ
वह क्षण अभूतपूर्व होंगे जब शिष्यों का मस्तक झुका होगा गुरु चरणों की और
गुरुकुल की शिष्य मंडली विनय भाव का उदाहरण देगी चारो और
भक्तो में दिख रहा जय जयकारों का शोर
सबकी नज़र एक ही और
शिष्य बढ़ चले गुरु चरणो की और
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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