आरोन में श्रावक संस्कार शिविर की शुरुआत हुई मुनिश्री दुर्लभ सागर ने किया शिविरार्थियों का उपनयन संस्कार मोक्ष मार्ग पर ले जाता है उपनयन संस्कार – मुनि श्री दुर्लभ सागर जी

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आरोन में श्रावक संस्कार शिविर की शुरुआत हुई मुनिश्री दुर्लभ सागर ने किया शिविरार्थियों का उपनयन संस्कार मोक्ष मार्ग पर ले जाता है उपनयन संस्कार – मुनि श्री दुर्लभ सागर जी

आरोन। समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम् प्रभावक शिष्य मुनि श्री दुर्लभ सागर जी एवं क्षुल्लक श्री निर्धूम सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में जैन धर्म के सबसे पर्व दस लक्षण महापर्व की शुरुआत गुरुवार को हुई। इस अवसर पर मुनि श्री के मंगल सानिध्य में ही दस दिवसीय आत्म उत्थान श्रावक संस्कार शिविर की भी शुरुआत हुई।

 

 

 

तीन श्रेणियों में विभाजित हैं शिविरार्थी इस शिविर में उत्कृष्ट मध्यम एवं जघन्य तीन श्रेणियों में श्रावक शिविरार्थी के रूप में शामिल हो रहे हैं।

यह शिविर 28 अगस्त से 6 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। पर्युषण पर्व एवं इस शिविर के शुरुआती दिवस पर इस शिविर में शामिल होने वाले शिविरार्थियों का उपनयन संस्कार कार्यकम आयोजित किया गया। चातुर्मास कमेटी के प्रचार मंत्री सुनील झंडा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में सुबह की बेला में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजा की गई। इसके बाद श्रावक संस्कार शिविर में उत्कृष्ट,मध्यम एवं जघन्य श्रेणियों के रूप में शामिल हुए महिला पुरुषों समाज के छोटे-छोटे बच्चों,युवाओं एवं वरिष्ठजनों ने मुनि श्री के मंगल कर कमलों से अपना उपनयन संस्कार कराया। बच्चों युवाओं एवं वरिष्ठ जनों ने उपनयन संस्कार से पूर्व लगभग 200 शिविरार्थियों ने अपने अपने केशों का त्याग करते हुए मुंडन कराया। मुंडन के उपरांत उपरांत पूज्य मुनि श्री एवं छुल्लक जी ने सभी को उपनयन संस्कार के माध्यम से धार्मिक संस्कारों का बीजारोपण किया।

 

 

 

 

मुनिश्री दुर्लभ सागर जी महाराज ने उपस्थित शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अहिंसा धर्म का पालन करते हुए अपना निर्वाण करना है। वर्तमान की चकाचौंध का त्याग करते हुए आज जैन आरोन जैन समाज ने गुरु आज्ञा का पालन करते हुए जो रुचि उपनयन संस्कार प्राप्त करने के लिए दिखाई है उसने आरोन में एक नया इतिहास रच दिया है

 

मुनि श्री ने कहाकि मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ने में उपनयन संस्कार एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया है।

 

 

 

 

मुनि श्री ने युवाओं को दिया आशीर्वाद* मुनिश्री दुर्लभ सागर जी एवं मुनि श्री निर्धूम सागर जी महाराज के द्वारा दस दिवसीय शिविर के माध्यम से सभी को विभिन्न प्रकार की कक्षाओं के द्वारा धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाएगी जो शिविरार्थियों को मोक्ष मार्ग की ओर प्रशस्त करेगी।

अपने महत्वपूर्ण योगदान से इस शिविर में विभिन्न व्यवस्थाओं को सम्हालने वाले सभी युवाओं को मुनि श्री ने आशीर्वाद एवं मुनि श्री ने मंच से युवाओं को आशीर्वाद देते हुए इसी प्रकार संस्कारित कार्य करने की प्रेरणा दी।

 

 

 

कार्यक्रम में गुरुकुलम भोपाल के संचालक ब्रह्मचारी विनय भैया ने अल्लू भैया एवं संजीव रामपुर ने कुशल संचालन किया। गुरुवार को गुरु उपासक पुण्यानुभूति पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य प्रकाश चंद जैन नरेंद्र जैन विजय जैन मोनू भाईजी को प्राप्त हुआ।

 

 

 

जैन समाज अध्यक्ष विजय डोडिया,मंत्री संजय जैन कंचू, चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष श्री मिंटूलाल जैन,शिखर कलेशिया,आजाद कलेशिया गुड्डा भूमरिया ने शिविर पुण्यार्जक शिखर कलेशिया का सम्मान किया।

 

   सुनील जैन झंडा आरोन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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