सांसों की चाबी से यह देह खिलौना चलता है मुनिश्री विमलसागर महाराज
घाटोल
दिगंबर जैन अहिंसा मंदिर हेरो डेम मे परम पूज्य सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य
मुनि विमल सागर महाराज ,मुनि अनंत सागर, महाराज, मुनि धर्म सागर महाराज, मुनि भाव सागर महाराज के सानिध्य में मंगलवार को प्रातः काल की वेला में धर्मसभा का आयोजन हुआ इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री विमल सागर जी महाराज ने कहा कि मृत्यु का हमेशा ध्यान रखना चाहिए ,हमेशा सतर्क सावधान रहना चाहिए ,मृत्यु नए जीवन का द्वार खोलती है ,जो निरंतर धर्म के अनुष्ठान करते रहते है उन्हे यही स्वर्ग जैसा प्राप्त हो जाता है अपने आप को मंदिर बना लोगे तो मृत्यु से सुरक्षा हो जाएगी, भगवान को पुकारने वाले दुर्लभ होते हैं, जो प्रभु को भूल जाता है दुर्गति को प्राप्त होता है, जो भगवान का नाम लेते हुए जाते हैं अपार संपदा की प्राप्ति होती है,यह माया धोखा है दान कर लो मौका है, सांसों की चाबी से यह देह खिलौना चलता है।

मुनिश्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि प्रभु की भक्ति ही पापो को नष्ट करने वाली है, भक्ति और स्तुति प्रभु से मिलाने व आत्मा से साक्षात्कार कराने वाली है, प्रभु की कथा भी पाप को नष्ट करने वाली है प्रभु के स्मरण से समस्त विघ्नों का नाश होता है कोई भय नहीं होता है बाहरी शक्तियों कभी उपद्रव नहीं कर सकती है, पत्थर का मंदिर 2000 वर्ष तक रहता है अनंत गुना पुण्य बनाने में सहयोग देने वाले को मिलता है, भगवान बनता है दान से महान और भगवान बनता है
व्यक्ति , घाटोल में होने वाले पंचकल्याणक के पात्र बनने का अवसर छोड़ना नहीं गर्भ से मोक्ष तक की यात्रा देखने का विश्व का सबसे बड़ा सौभाग्य है भगवान कैसे बनते हैं यह देखने का पुण्यशाली अवसर है।

पंचकल्याणक में महापात्र बनने का सौभाग्य इन सभी को प्राप्त हुआ *राजा श्रेयांश* मुंगाणिया तेजपाल, किशन लाल , दरवेश कुमार परिवार , *ध्वजारोहण* घाटलिया देवेंद्र कुमार ,बसंतलाल, रितेश परिवार *लांतव इंद्र* खेंदावत राजमल छगनलाल परिवार को प्राप्त हुआ।




कमेटी ने बताया कि 29 नवंबर को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का 51 वां आचार्य पदआरोहण दिवस प्रातः 8 बजे से मनाया जाएगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
