“मेरा तेरा”में आग है”हमारा” में जीवन का सुहाग”- मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज

धर्म

“मेरा तेरा”में आग है”हमारा” में जीवन का सुहाग”- मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज

 भोपाल 

“हम अपने जीवन को कैसा रखें की हमारे संबंध मधुर बने रहें,उपरोक्त उदगार मुनिश्री प्रमाणसागर महाराज ने संबंधों का संतुलन एवम समर्पण” विषय पर बात करते हुये कहा कि घर परिवार में रहने वालो के संबंध अच्छे रहते है तो वह हमें सुख देते है,और वही रिश्तों में तनाव उत्पन्न हो तो वह हमें उतना ही दुःखी करते है” उन्होंने मेरा,तेरा, मेरातेरा,और”हमारा” यह चार शब्द है जिसमें जीवन का असली रहस्य छुपा हुआ है,उन्होंने कहा कि “मेरा”, मेरे विचार, मेरा अधिकार इसमें अहंकार और स्वार्थ की गंध है,जो कि परिवार मे असंतुलन पैदा करता है, प्रवक्ताअविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया मुनि श्री के प्रवचन प्रतिदिन किसी नये विषय पर 8:30 से9:30 बजे तक हो रहे है।

 

 

 

उन्होंने कहा कि यदि आप “मेरा घर,मेरा परिवार,मेरे विचार,और मेरे अधिकार की बात करते है तो इसमें अहंकार और स्वार्थ की गंध आती है,”मेरे” पन का भाव परिवार में असंतुलन पैदा करता है जबकि “तेरा” में समर्पण का भाव आता है” जैसे भक्त अपने भगवान और गुरु चरणों में जाता है,तो उसके भाव समर्पण के होते है वह कहता है मेरा सब कुछ तेरा,क्या लागे है मेरा” इसमें श्रद्धा और आत्मीयता का समर्पण है,जो जीवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाता है,वही दूसरी ओर भय दबाव,प्रभाव का भी समर्पण होता है जैसे आंफिस में बास के आगे, पति को पत्नी के सामने पत्नी को पति के सामने समर्पित रहना पड़ता है।

 

 

 

 

संत कहते है कि दबाव, प्रभाव,और मजबूरी में किया समर्पण जीवन में सात्विकता नहीं भर पाता उन्होंने कहा प्रेम में सहजता समर्पित समर्पण हो तो जीवन की दशा बदलेगी।

 

मुनि श्री ने कहा कि केवल अपने मतलब से मतलब मत रखिये अपने साथ अपने घर परिवार, अपनी समाज अपने देश व सभी के प्रति ध्यान रखिये। आजकल मेरा तेरा के चक्कर में पहले तो भाई भाई के डिवाईडेशन होते थे,आजकल तो पति पत्नी में भी डिवाईडेशन होंने लगे है। आपस में मन मुटाव और अविश्वास का कारण मेरा तेरा का कु परिणाम है समर्पण की भावना समाप्त हो गई है,उसका स्थान स्वामित्व ने ले लिया है जो हमारे जीवन के आंतरिक सौन्दर्य को तहस नहस कर रहा है,

 

 

 

उन्होंने “हमारा” पर जोर देते हुये कहा कि रिश्तों की असली ताकत अधिकार नहीं अपनापन की ताकत है इसलिये मेरा तेरा को छोडकर हमारे जीवन को आदर्श बनाना है,यही हमारे स्वस्थ संबंध का आधार है। 

       संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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