श्री महावीरजी की रथयात्रा में उमड़ा जन सैलाब – दिखी साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल

धर्म

श्री महावीरजी की रथयात्रा में उमड़ा जन सैलाब – दिखी साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल

श्री महावीरजी ,
करौली जिले में स्थित दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी के वार्षिक मेले के तहत रविवार को भगवान महावीर की भव्य रथयात्रा निकाली गई । रथयात्रा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा । हजारों की संख्या में श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए । आस – पास के गांवों सहित देश के कोने – कोने से आए हजारों श्रद्धालु प्रभु की रथयात्रा के इस पावन अवसर में शामिल होकर खुद को धन्य समझ रहे थे । रथयात्रा में शामिल होने के लिए ग्रामीणजन शनिवार रात ही श्री महावीरजी एवं मंदिर परिसर में आ डटे थे ।

समूहों में ये ग्रामीणजन रातभर लोकगीतों पर नृत्य कर प्रभु की रथयात्रा के उस अद्वितीय क्षण का इंतजार कर रहे थे । रथयात्रा के शुभारम्भ होने के लगभग दो घंटे पूर्व ही छतों एवं बरामदों में लोगों का जमा होना प्रारंभ हो गया । मुख्य मन्दिर से महावीर भगवान की प्रतिमा का अभिषेक करने के बाद केसरिया वस्त्र पहने , रजत मुकुट लगाये एवं इन्द्रों का रूप धारण किए श्रद्धालुओं ने प्रतिमा को मंदिरजी से पालकी में लाकर बाहर पाण्डाल में स्वर्णिम आभा से सुसज्जित विशाल रथ में विराजमान किया ।

इससे पहले प्रबंधकारिणी कमेटी द्वारा मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की मूर्ति निकालने वाले चर्मकार वंशज के प्रतिनिधि का सम्मान किया गया । इसके बाद मुनि चिन्मयानन्द जी महाराज के सानिध्य में रथयात्रा का शुभारम्भ हुआ । सबसे आगे निशान का घोड़ा उसके बाद बैण्ड था , जो केसरिया बाना पहनकर स्वर लहरियां बिखेर रहा था । बैण्ड के पीछे 21 केसरिया ध्वज रथयात्रा को विशिष्ट स्वरूप दे रहे थे । वही विभिन्न संस्थाओं के 500 से अधिक सदस्यगण जयकारे लगाते हुये भक्तिमय माहौल बना रहे थे । उसके पीछे धर्मचक्र और फिर जैन मूल संघ आमनाय भट्टारकजी की पालकी को उठाये श्रद्धालु चल रहे थे । पालकी के पीछे विशालकाय ऐरावत हाथी ग्रामीणों का मन मोह रहा था । ऐरावत पर क्षेत्र कमेटी के सदस्य प्रदीपकुमार जैन , सुरेश सबलावत आदि विराजमान थे । घोडो वाले नवीन रथ पर जिनवाणी को लेकर आदेश कुमार , रितेश जैन नोयेडा वाले तथा सारथी के रूप सचिन जैन एडवोकेट , आर . के . जैन बिजनौर एवं कमेटी सदस्य रूपिन काला बैठे थे । बैलों वाले मुख्य रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान थी । उपजिला कलेक्टर , हिण्डौन अनूपसिंह व प्रबन्धकारिणी कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल सारथी के रूप में बैठे थे । वही रथ पर संयुक्त मंत्री उमरावमल संघी , कोषाध्यक्ष विवेक काला एवं कमेटी सदस्य चन्द्रप्रकाश जैन चॅवर ढुला रहे थे । रथयात्रा के साथ प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य नरेश कुमार सेठी , नवीन बज , पूनमचन्द्र शाह , अनिल पाटनी सहित मेले के प्रचार संयोजक विनोद जैन कोटखावदा , शान्तिवीर नगर के मंत्री राज कुमार कोठ्यारी , राजस्थान जैन सभा के अध्यक्ष सुभाषचन्द जैन , महामंत्री मनीष बैद , अशोक जैन नेता , योगेश टोडरका , प्रदीप ठोलिया , वीर सेवक मण्डल के अध्यक्ष महेश काला , उपाध्यक्ष अरूण कोडीवाल , मंत्री भानू छाबडा , हीरा चन्द बैद , चन्द्रेश जैन , संजय छाबडा , क्षेत्र के मैनेजर नेमीकुमार पाटनी सहित कई गणमान्य श्रेष्टीजन , जयपुर से आये दिग ० जैन सोशल ग्रुपों के दम्पति सदस्य व पूरे देश से आये हजारो श्रद्धालुगण भगवान महावीर के जयकारे लगाते चल रहे थे । रथयात्रा को मीणा जाति के लोग नाचते कूदते गम्भीर नदी के तट पर ले गये गम्भीर नदी के तट पर रथ यात्रा धर्मसभा में परिवर्तित हो गई । यहां श्रीजी की अष्टद्रव्यों से संगीतमय पूजा अर्चना के पश्चात मुनि श्री 108 चिन्मयानन्द जी महाराज , मुनिश्री अनुभव सागर जी एवं आर्यिका सृष्टिभूषण माताजी ने अपने प्रवचन में भगवान महावीर के जीवन चरित्र , सिद्वान्त व उनके द्वारा विश्व कल्याण के लिए किये गये कार्यो पर प्रकाश डाला । अन्त में जयकारों के बीच भगवान के कलशाभिषेक किए गए । श्रीजी की जयमाल का पुण्यार्जन किया । इस मौके पर क्षेत्र कमेटी की ओर से क्षेत्र के 09 कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के सम्मानित किया गया ।
जानकारी देते हुए मेला प्रचार संयोजक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया इससे पूर्व प्रातः कमल मंदिर वृद्व समाज बन्धुओं के रहने के लिए आयुष्मान केन्द्र का शुभारम्भ किया गया । मुख्य अतिथि समाजश्रेष्ठी प्रकाश बड़जात्या थे । इस मौके पर प्रबन्धकारिणी कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद रहे । अंत में प्रबन्धकारिणी कमेटी की ओर से उपस्थित सभी महानुभावों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया । इस दौरान पूरा मण्डप जयकारों से गूंजता रहा । धर्मसभा के पश्चात गुर्जर जाति के ग्रामीणजन जिनेन्द्र रथ को मंदिर परिसर तक लेकर आए । इस दौरान वीर सेवक मण्डल , जयपुर एवं मंदिर के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला । सायंकाल नदी तट पर हुई घुड़दौड़ एवं उंट दौड़ का भी ग्रामीणों ने आनंद लिया । नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोहा – नाटक भगवान महावीर की प्रथम आर्यिका महासती चंदनबाला की कवि सम्मेलन में उमड़े श्रोताओं ने लिया कविताओं का आनन्द भक्तिमयी वैराग्य गाथा ने दी श्रद्धालुओं क श्री महावीरजी में शनिवार रात्रि कटला प्रांगण में रंगशाला अकादमी इन्दौर की ओर से प्रस्तुत नाटक भगवानर महावीर की प्रथम आर्यिका महासती चंदनबाला की भक्तिमयी वैराग्य गाथा ने संदेश व सीख देते हुये दर्शको को अन्त तक जोड़े रखा । मंगलाचरण के बाद नाटक की प्रस्तुति दी गई जिसमें चंदनबाला की भक्ति को दर्शाया गया । भजन ढोल नगाडा बाजे रे एवं म्हारे आंगण में आई देखो मंगल घडी ..पर प्रस्तुत नृत्यों का दर्शकों ने भरपूर आनन्द लिया । प्रभु महावीर की महिमा के गुणगान के साथ ही कलाकारों ने नाटक की प्रस्तुति से जमकर तालियां बटोरीं ।कवि सम्मेलन में किये भगवान महावीर के गुणगान – रात्रि में सांस्कृतिक मंच पर राष्ट्रीयकवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
जिसमें देश के प्रख्यात कवियों ने भगवान महावीर के कृतित्व व व्यक्तित्व पर कविता पाठ किया । अहिंसा , शाकाहार , त्याग , तपस्या के साथ बेटी बचाओ – बेटी पढाओ तथा कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने एवं देश भक्ति का संदेश कवियों की कविताओं में झलक रहाथा । कवि सम्मेलन में सुरेन्द्र यादवेन्द्र , श्याम अंगारा , कवियत्री अन्नू , सोनल जैन , डॉ . आदित्य जैन , वीररस के कवि अशोक चारण , गीतकार राशिद निर्मोही , मारूति नन्दन तथा श्री महावीरजी के वीर रस कवि प्रहलाद चांडक ने अपनी कविताओं के माध्यम से हास्य व्यग्य पर अपनी पिचकारी छोडते हुये भ्रष्टाचार , राजनीति व आज के समय की समस्याओं पर व्यंग्य कर श्रोताओं को सोचने को मजबूर कर दिया । श्रोताओं ने कविता पाठ पर तालिया बजाकर कवि सम्मेलन को जागृत बनाये रखा । संचालन कमल मनोहर ने किया । क्षेत्र के अध्यक्ष सुधान्शु कासलीवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया । मेले का समापन समारोह सोमवार को प्रबन्धकारिणी कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल ने बताया कि आठ दिवसीय श्री महावीरजी के वार्षिक लक्खी मेले का समापन सोमवार 18 अप्रैल , 2022 को दोपहर दो बजे नदी तट पर ग्रामीण खेल – कूद एवं कुश्ती दंगल की प्रतियोगिता के साथ होगा ।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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