पूज्य मुनिश्री सुधा सागर महाराज के सानिध्य में हो रहे श्रावक संस्कार शिविर तोड़ने जा रहा है अब तक के सब रिकॉर्ड श्रीश जैन ललितपुर की कलम से

धर्म

पूज्य मुनिश्री सुधा सागर महाराज के सानिध्य में हो रहे श्रावक संस्कार शिविर तोड़ने जा रहा है अब तक के सब रिकॉर्ड श्रीश जैन ललितपुर की कलम से
आगरा
मूड़ मुंडाई तीन गुण, सर् की मिट गयी खाज
खाने को लड्डू मिले, लोग कहे महाराज

 

 

संस्कार शिविर शुरू होने के 1 दिन पूर्व के दृश्य के विषय में बोलते हुए श्रीश जैन ललितपुर लिखते हुए कहते हैं, मुझे लगता हैं उक्त लोकोक्ति जिस काल मे लिखी गयी होगी उस काल मे अच्छे और सच्चे साधु संतों का अभाव रहा होगा और पांखडियो का बोलबाला बड़ गया होगा और लेखक भी मनोवैज्ञानिक रूप से इन पाखंडियो के नाटक देख देख कर थक गया होगा और हताशा से भरें हुए उसने उक्त पंक्तियों को लिख दिया होगा।

 

अगर लेखक आज कल के दौर में पैदा हुआ होता तो यकीन मानिये उसे डोंगरगढ़ में विराजमान आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज व आगरा में विराजमान मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के दर्शन करते ही एक अच्छे और सच्चे साधु के दर्शन हो ही जाते फिर वो इन पंक्तियों को कभी नही लिखता।

वह कहते है कीआज आगरा के पांडाल में मंच पर मुनि पुंगव के दर्शन हो रहें थे और कैमरा जब सामने की और घुमा तो नजारा आश्चर्य चकित कर देने वाला था क्योंकि सामने पांडाल में एकदम ठसाठस भरे हुए केश मुंडन कराकर आये श्रावक संस्कार शिविर के शिविरार्थी ही शिविरार्थी दिखाई दे रहें थे जो संख्या में इतने अधिक है कि पिछले लगभग 30 वर्षो के समस्त शिविरों का रिकॉर्ड तोड़ने वाले हैं।

 

जैसा कि सर्व विदित हैं आचार्य भगवान के आशीर्वाद से लगने वाले श्रावक संस्कार शिविर के जनक होने के प्रभाव और शिविर में दिये जाने वाले संस्कारो की वजह से आज वर्तमान में सबसे ज्यादा लोकप्रिय शिविर मुनि पुंगव के श्री सानिध्य में ही पूर्ण होता हैं

 

 

आगरा धनपति कुबेरों की नगरी हैं और ऐसा कहा जाता हैं कि धनपति कुबेर किसी कार्य को करने की ठान ले तो उसकी भव्यता देखने योग्य होती हैं और इस बार के संस्कार शिविर में शिविरार्थीयो की समस्त व्यवस्थाएं 5 स्टार रेटिंग की की गयी हैं आज प्रातः ही शिविरार्थी पहुचने लगे थे उनके अमानती सामान को रखने से लेकर रुकना खाना आदि की व्यवस्था चाकचौबंद नजर आई रजिस्ट्रेशन ड्रैस और साहित्य के वितरण में भी सजगतापूर्वक हिस्सेदारी निभाते युवाओं की टोलियां तारीफ के काबिल रही और सबसे बड़ी विशेषता तो यह रही कि श्रावको के केश मुंडन कराने से उपरोक्त पंक्तियों का खंडन भी हो गया जो विशेष से भी विशेष हैं और मुझे एक नयी पंक्ति लिखने का अवसर मिल गया
_मूड़ मुड़ाने का लाभ श्रावक संस्कार शिविर में तब दिखता हैं जब गंधोदक से भरा हाथ शिविरार्थी के शरीर मे एनर्जी भरता हैं_
पूज्यवर का आशीर्वाद सभी पर ऐसे ही बना रहे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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